बारिश का कहर, गंगोत्री धाम में बाढ़ का खतरा, दो पुलिया बहीं
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उत्तरकाशी में भारी बारिश से गंगोत्री धाम में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। गंगा भागीरथी सहित इसकी सहायक नदियां उफान पर हैं। गंगोत्री गोमुख क्षेत्र में देवगाड और चीड़वासा गदेरे में आए उफान से दो पुलिया बह गईं।
इससे करीब 50 कांवड़ यात्री भोजवासा, चीड़वासा में फंसे हैं। गंगोत्री हाईवे अवरुद्ध होने से यातायात ठप है। सोनप्रयाग से केदारनाथ जा रहे पैदल यात्रियों को लिनचोली में रोक दिया गया है। जबकि केदारनाथ में दर्शन करने चुके यात्रियों को धाम में ही ठहरने को कहा गया है। इस सीजन में कपाट खुलने के बाद पहली बार केदारनाथ यात्रा रोकी गई है।
भारी बारिश के चलते गंगोत्री में गंगा भागीरथी पूरे उफान पर है। धाम में बिजली गुल होने से भागीरथी और केदार गंगा का उफान और डरा रहा है। धरासू बैंड नालूपाणी में भूस्खलन होने से गंगोत्री हाईवे दोपहर दो बजे से बंद है।
इसके अलावा धौला-दोणी-मुसाई सड़क अवरुद्ध होने से दर्जनों गांवों का संपर्क कट गया है। कंचन गंगा में बदरीनाथ हाईवे अवरुद्ध से यात्रा वाहन जोशीमठ और पांडुकेश्वर में ही रोक लिए गए।
बदरीनाथ हाईवे से निकाले गए 500 यात्री
गढ़वाल मंडल केपर्वतीय जिलों में कई सड़कें भी बंद हैं। टिहरी में मलबा घुसने से छह आवासीय मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं। पौड़ी जिले में 29 सड़कों पर यातायात थम गया है।
दूसरी ओर बदरीनाथ हाईवे के दोपहर में कुछ घंटे के लिए खुलने पर पुलिस के जवानों ने शुक्रवार को बदरीनाथ, जोशीमठ और पांडुकेश्वर में रोके गए करीब 500 तीर्थयात्रियों को गंतव्य को रवाना किया। आंध्र प्रदेश के श्रद्धालुओं को ऊखीमठ होकर रुद्रप्रयाग भेजा गया तो बदरीनाथ जा रहे यात्रा वाहनों को ऊखीमठ-रुद्रप्रयाग होते हुए रवाना किया गया।
बारिश के चलते बड़कोट में यमुना भी उफान पर है। इसके चलते रवाड़ा नगाणगांव मोटर पुल से यातायात बंद कर दिया गया है। टिहरी झील का जलस्तर आरएल 772.95 मीटर पहुंच गया। यहां से 421 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। इससे ऋषिकेश-हरिद्वार में गंगा का जलस्तर बढ़ गया है।