{"_id":"5c2ed749bdec2256e0515808","slug":"floating-solar-plant-in-udham-singh-nagar-uttarakhand","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऊधमसिंह नगर में लगेगा उत्तराखंड का पहला फ्लोटिंग सोलर प्लांट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऊधमसिंह नगर में लगेगा उत्तराखंड का पहला फ्लोटिंग सोलर प्लांट
Fri, 04 Jan 2019 09:22 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Fri, 04 Jan 2019 09:22 AM IST
विज्ञापन
फ्लोटिंग पावर प्लांट
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड की पहली फ्लोटिंग सोलर फोटोवोल्टिक परियोजना के लिए ऊधमसिंह नगर जनपद के तीन जलाशय चयनित कर लिए गए हैं। पहले चरण में डेढ़ सौ मेगावाट उत्पादन क्षमता के तीन प्लांट जनपद में स्थापित होंगे। केंद्र सरकार के उपक्रम सौर ऊर्जा निगम (सेकी) के प्रस्ताव पर प्रारंभिक प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। इसके लिए केंद्र सरकार के उपक्रम सेकी, सिंचाई विभाग और ऊर्जा विभाग में त्रिपक्षीय करार होगा।
विज्ञापन
सेकी ने प्रदेश सरकार को फ्लोटिंग (तैरता) सोलर पावर प्रोजेक्ट बनाने का प्रस्ताव दिया था। सेकी ने इन्वेस्टर्स समिट के दौरान उरेडा के साथ एमओयू भी हस्ताक्षरित किया है। 12 अक्तूबर को सेकी, सिंचाई विभाग और उत्तराखंड जल विद्युत निगम की बैठक में ऊधमसिंह नगर की बौर, हरिपुरा और तुमरिया के अलावा ऋषिकेश की वीरभद्र बैराज में फ्लोटिंग सोलर पैनल लगाने पर निर्णय हुआ था। हालांकि अध्ययन रिपोर्ट के बाद ऋषिकेश के बैराज को प्रथम चरण में शामिल नहीं किया गया है। प्रस्तावित एमओयू में पावर प्लांट को विकसित करने के लिए सर्वेक्षण और निविदा प्रक्रिया का कार्य कर विकासकर्ता के चयन का दायित्व सेकी के पास रहेगा।
विज्ञापन
जलाशय का लीज रेंट सात पैसे प्रति यूनिट
प्रोजेक्ट बनने के बाद सात पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से लीज रेंट जलाशयों के स्वामित्व वाली संस्था को दिया जाएगा। उत्तराखंड में सभी जलाशय सिंचाई विभाग के हैं। बिल्ट ऑन ऑपरेट एंड ट्रांसफर (बूट) आधार पर बनने वाले प्रोजेक्ट में 25 वर्ष तक विद्युत उत्पादन होगा, जिसके बाद संयत्र विभाग को सौंप दिया जाएगा। परियोजनाओं से उत्पादित विद्युत को यूपीसीएल/पिटकुल की विद्युत लाइनों से जोड़ा जाएगा।
विज्ञापन
इस तरह बनेगा फ्लोटिंग पावर प्लांट
इसके लिए ऐेसे जलाशय चिह्नित किए गए हैं, जिनका इस्तेमाल जलविद्युत परियोजनाओं या सिंचाई योजनाओं के लिए किया जा रहा है। जलाशयों की गहराई बहुत ज्यादा नहीं होनी चाहिए। पैनल सतह के ऊपर तैरते रहेंगे, जिससे पानी का वाष्पीकरण भी कम होगा। पैनल को निकटवर्ती पावर ग्रिड के साथ जोड़ा जाएगा।
प्रथम चरण में शामिल जलाशय
बौर, ऊधमसिंह नगर : 16260 हजार वर्ग मीटर
हरिपुरा, ऊधमसिंह नगर : 11580 हजार वर्ग मीटर
तुमरिया, ऊधमसिंह नगर : 27130 हजार वर्ग मीटर
इन्वेस्टर्स समिट में सौर ऊर्जा को लेकर कई प्रस्ताव आए हैं। इसी के तहत जलाशयों में फ्लोटिंग सौर पैनल स्थापित किए जाएंगे। स्थान चिह्नित कर लिए गए हैं। जल्द ही करार के बाद निर्माण शुरू हो जाएगा।
- उत्पल कुमार सिंह, मुख्य सचिव