OMG: भारत के इस शहर में आसमान से गिरीं मछलियां
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उत्तराखंड के रुद्रपुर स्थित बिलासपुर के एक गांव में रहस्यमय घटना से लोग हैरान हैं। रात में मूसलाधार बारिश के बाद सुबह जब ग्रामीणों की नींद खुली तो घर के आंगन और छतों पर मछलियां तड़प रही थीं।
आनन-फानन में ग्रामीणों ने मछलियों को नालियों और खेतों में फिकवा दिया। बताया जा रहा है कि रात में हुई बारिश के साथ ही यह मछलियां गिरीं। रुद्रपुर-बिलासपुर मार्ग पर जाफराबाद गांव पड़ता है। बुधवार सुबह जब लोग जागे तो उन्होंने घर के आंगन में मछलियां तड़पती देखीं।
पहले उन्होंने सामान्य तौर पर लिया, लेकिन जब गांव के अधिकांश घरों में मछलियां मिलीं तो ग्रामीण हैरान रह गए। ग्रामीण राजू अरोरा ने बताया उनके आंगन में पांच जिंदा मछलियां पड़ी थीं। गांव के 20-22 घरों में भी चार से छह इंच की मछलियां मिलीं। आखिरी ये मछलियां कहां से आ गईं।
ग्रामीण रिशु नारंग कहते हैं कि चार मछलियां उनके और दो मछलियां ताऊ के आंगन में जिंदा थीं। पूर्व प्रधान रजनीश अग्निहोत्री कहते हैं कि किसी घर में एक किसी में दो तो किसी में चार या छह मछलियां गिरी थीं।
बलदेव राज कहते हैं कि पांच मछलियां उनके आंगन में सुबह पड़ी मिलीं। दिनभर जाफराबाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में यह घटना चर्चा का विषय बनी रही।
विदेशों में भी हुई हैं ऐसी घटनाएं
बारिश के साथ मछलियां गिरने की घटनाएं विदेशों में भी कई जगह हुई हैं। इसकी वजह समंदर, बड़ी नदियों या डैम के पास कम दबाव वाला क्षेत्र बनने पर हवा के भंवर हैं।
पानी के पास इस भंवर की गति अत्यधिक तेज होने के कारण पानी में से कई बार मछलियां, कछुए या अन्य जीव हवा के साथ ऊपर आ जाते हैं। जैसे-जैसे तूफान आगे बढ़ता है, यह जीव भी उसके साथ ही उड़े चले जाते हैं। इसके बाद जहां भी यह बादल बरसते हैं तो यह जीव उस स्थान पर गिर जाते हैं।
शाकाहारी हैं गांव के सभी लोग
हाइवे से तीन किलोमीटर भीतर बसे जाफराबाद गांव के लोग शाकाहारी हैं। ग्रामीण राजू कहते हैं कि पूरे गांव में करीब 25 पक्के मकान और कुछ झोपड़ियां हैं। अगर मान भी लें कि किसी ने शरारत की है तो फार्म में मछलियां कैसे गिरीं। फार्म की रखवाली के लिए कुत्ते हैं। चारों ओर से फार्म बंद है।