केदारनाथ धाम में पहली बार उड़ेगा अबीर-गुलाल
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केदारनाथ में पहली बार होली का त्योहार मनाया जाएगा। केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्य में जुटे नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) के लोगों में होली को लेकर खासा उत्साह है।
वर्ष 2013 जून में आई आपदा से बदहाल हो चुके केदारनाथ को उसके पुराने स्वरूप में लाने के लिए निम एक वर्ष से जुटा है। निम की देखरेख में बड़ी संख्या में मजदूर और कर्मचारी वहां काम कर रहे हैं। कुछ पुलिसकर्मी और सरकारी कर्मचारी भी हैं।
आजादी के बाद धाम में पहली बार इस वर्ष 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रध्वज भी फहराया गया था। बसंत पंचमी और महाशिवरात्रि का पर्व भी हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इन सबके बीच शुक्रवार को केदारनाथ में अबीर-गुलाल भी उड़ेगा।
शुक्रवार को निम के लोग पहले तीन घंटे बर्फ हटाने का काम करेंगे। प्रात: 10 बजे निम के प्राचार्य कर्नल अजय कोठियाल के साथ सभी लोग एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाएंगे।
निम ने मंदिर परिसर और नंदी मूर्ति से हटाई बर्फ
निम की ओर से केदारनाथ में बर्फ हटाने का काम तीसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान बेस कैंप, हेलीपैड से मंदिर वाले रास्ते और मंदिर परिसर के आगे बर्फ को साफ किया गया। धाम में मौजूद निम के प्राचार्य कर्नल अजय कोठियाल ने भी कार्य का निरीक्षण किया।
निम के मीडिया प्रभारी देवेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि बृहस्पतिवार को प्रात: 8 बजे से बर्फ हटाने का काम शुरू कर दिया गया था। हेलीपैड से मंदिर वाले रास्ते की बर्फ को हटाकर उसे चलने लायक बनाया गया। इसके बाद मंदिर परिसर और नंदी की मूर्ति से जमा बर्फ साफ की गई।
दूसरी तरफ एमआई-26 हेलीपैड से मंदाकिनी नदी तक बन रहे रास्ते के चौड़ीकरण का कार्य भी पुन: शुरू किया गया। बर्फबारी से यह मार्ग चार दिन से बंद था। दोपहर के बाद निम के लोगों ने आपस में होली का टीका लगाते हुए एक-दूसरे के गले मिलकर बधाई दी। बृहस्पतिवार को दिनभर केदारनाथ में चटक धूप खिली रही। धाम में अधिकतम तापमान 8 डिग्री और न्यूनतम तापमान 2.2 डिग्री सेल्सयस दर्ज किया गया।