फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   first death due to swine flu in uttarakhand.

उत्तराखंडः डेंगू के बाद अब स्वाइन फ्लू का कहर, हुई पहली मौत

Sat, 12 Dec 2015 01:30 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 12 Dec 2015 01:30 PM IST
विज्ञापन
first death due to swine flu in uttarakhand.

उत्तराखंड  में स्वाइन फ्लू के एक संदिग्ध रोगी की मौत का मामला सामने आया है। नेशनल कंट्रोल डिजीस संटेर (एनसीडीसी) ने मरीज में स्वाइन फ्लू की पुष्टि की है। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने एलाइजा रिपोर्ट आने तक किसी भी तरह की टिप्पणी से इनकार किया है।

विज्ञापन


शुक्रवार को जौलीग्रांट स्थित हिमालयन अस्पताल में दून निवासी मरीज की मौत हुई। मरीज में स्वाइन फ्लू के लक्षण पाए गए हैं। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार एनसीडीसी ने मरीज में स्वाइन फ्लू की पुष्टि की है। रेपिड टेस्ट और सैंपल की जांच में भी स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। हालांकि, अभी तक एलाइजा रिपोर्ट नहीं आई है।
विज्ञापन


दूसरी ओर, सीएमओ डा. सुशील अग्रवाल ने स्वाइन फ्लू को मौत का कारण मानने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि एलाइजा रिपोर्ट मिलने तक कुछ नहीं कहा जा सकता है। फ्लू के उपचार के लिए टेमीफ्लू समेत अन्य दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

स्वाइन फ्लू से बचने के लिए अपनाए यह उपाय

first death due to swine flu in uttarakhand.

स्वाइन फ्लू सूअरों में होने वाला सांस संबंधी एक संक्रामक रोग है जो कई स्वाइन इंफ्लुएंजा वायरसों में से एक से फैलता है। आमतौर पर यह बीमारी सूअरों में ही होती है लेकिन सूअर के सीधे संपर्क में आने पर यह मनुष्य में भी फैल जाती है।

स्वाइन फ्लू के लक्षण हैं सर्दी, जुकाम, सूखी खांसी होना, थकान होना, सिरदर्द और आंखों से पानी आना. इसके अलावा सांस भी फूलने लगती है। अगर संक्रमण गंभीर है तो बुखार तेज होता जाता है। ऐसे में तुरंत डॉक्टर के पास जाने की जरूरत होती है।

रखें ये सावधानियां
- हाइजीन का खासतौर पर ध्यान रखना चाहिए, खांसते समय और छींकते समय टीशू से कवर रखें, इसके बाद टीशू को नष्ट कर दें
- बाहर से आकर हाथों को साबुन से अच्छे से धोएं और एल्कोहल बेस्ड सेनिटाइजर का इस्तेमाल करें
- जिन लोगों में स्वाइन फ्लू के लक्षण हों तो उन्हें मास्क पहनना चाहिए और घर में ही रहना चाहिए
- स्वाइन फ्लू के लक्षण वाले मरीज से क्लोज कॉंटेक्ट से बचें, हाथ मिलाने से बचें, रेग्यूलर ब्रेक पर हाथ धोते रहें
- जिन लोगों को सांस लेने में परेशानी हो रही हो और तीन-चार दिन से हाई फीवर हो, उन्हें तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए
- स्वाइन फ्लू के टेस्ट के लिए गले और नाक के द्रव्यों का टेस्ट होता है जिससे एच1एन1 वायरस की पहचान की जाती है, ऐसा कोई भी टेस्ट डॉक्टर की सलाह के बाद ही करवाएं

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed