देहरादून से मसूरी जा रही रोडवेज बस में लगी आग, बाल-बाल बची 35 सवारियों की जान
- चालक परिचालक ने यात्रियों की मदद से बुझायी आग
- दो दिन के भीतर रोडवेज की दूसरी बस में आग लगने की घटना से यात्रियों की सुरक्षा पर उठे सवाल
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उत्तराखंड रोडवेज की बस में आग लगने का लगातार दूसरा मामला सामने आया है। रविवार को हरिद्वार से देहरादून आ रही बस में आग लगने से यात्रियों की जान पर बन आई थी। वहीं, आज देहरादून से मसूरी जा रही रोडवेज बस के इंजन में अचानक आग भड़क गई। बस के इंजन में आग लगते ही चालक ने बस को तत्काल रोक दिया। आग लगने के बाद जब चालक परिचालक ने गाड़ी में लगे अग्निशमन उपकरण की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश की तो वह खाली मिला।
इसके बाद गाड़ी रुकते ही यात्री जान बचाने के लिए बस से नीचे कूद गए। आग से बस में तबाही होती इससे पहले ही चालक परिचालक ने यात्रियों की मदद से आग पर काबू पाया। महाप्रबंधक ने घटना की जांच के आदेश दिए है।
घटनाक्रम के मुताबिक हिल डिपो की बस संख्या यूके - 07, 1950 सोमवार की सुबह देहरादून से मसूरी के लिए निकली थी। बस में 35 यात्री सवार थे। जैसे ही बस शिव मंदिर से आगे मैगी प्वाइंट के पास पहुंची, तभी बस के इंजन में आग लग गई। इंजन से धुआं निकलता देख चालक रवींद्र कंडारी ने बस रोक दी। बस रुकने के साथ ही यात्री जान बचाकर निकल भागे।
यात्रियों की सुरक्षा पर उठे सवाल
आखिरकार चालक रवींद्र कंडारी व परिचालक सुरेश रावत ने यात्रियों की मदद से पास में ही रखे पानी के टैंक से पानी डालकर आग पर काबू पाया। गनीमत रही बड़ा हादसा नहीं हुआ। परिचालक सुरेश की सूचना पर अधिकारियों के आदेश पर दूसरी बस मौक पर भेजी गई, जिसमें यात्रियों को बैठाकर मसूरी भेजा गया।
दूसरी ओर महाप्रबंधक दीपक जैन ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। उनका कहना है कि मामले की जांच करायी जा रही है। जांच में जिसकी भी लापरवाही पायी गई तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
दो दिन के अंदर रोडवेज की दो-दो बसों में आग लगने की घटनाओं ने यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुकून देने वाली बात यह है कि इन दोनों घटनाओं में किसी यात्री की जान नहीं गई। लेकिन आग की घटनाओं ने यात्रियों के साथ ही विभागीय अधिकारियों को सोचने पर मजबूर कर दिया है।