राजाजी टाईगर रिजर्व में जबरन घुसे कांवड़िए, लाइटें फोड़कर बोर्ड तक ले गए
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कांवड़ यात्रा में दो दिन के लिए राजाजी टाईगर रिजर्व पार्क को मार्ग को खोलने का पुलिस को भारी नुकसान हुआ। कांवडिय़ों ने दो दिन हिल बाईपास पर उत्पाद मचाया।
कांवडिय़े हिल बाईपास के गेट पर लगा राजाजी टाईगर रिजर्व पार्क का बोर्ड लेकर चले गए। इतना ही नहीं कांवडिय़ों ने हिल बाईपास मार्ग के पुल पर लगी लाइटें भी तोड़ दी। तोड़फोड और जबरन पार्क में घुसने के आरोप में पार्क की ओर से कांवडिय़ों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है।
कांवड़ मेले में हरिद्वार के हाइवे पर जाम के बाद पुलिस प्रशासन ने हिल बाईपास मार्ग को खुलवाया। दो दिन कांवडिय़ों को मार्ग के रास्ते सुबह आठ बजे से शाम आठ बजे तक भेजा गया। लाखों कांवडिय़े मार्ग के रास्ते बहादराबाद निकले।
जहां से अपने अपने गंतव्यों को रवाना हुए। हिल बाईपास मार्ग खोलने से पुलिस प्रशासन को जरूर हल्की राहत मिली। लेकिन हाइवे पर जाम बना रहा। हां इतना जरूर है कि स्थानीय लोगों को मार्ग खुलने से अपने कामों में आने जाने में परेशानी कम हुई। लेकिन राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क को गेट खोलने का हरजाना भुगतना पड़ा। डाक कांवडिय़े ने खडख़ड़ी स्थित टाईगर रिजर्व का बोड तोड़ दिया।
कांवडिय़े बोर्ड को अपने साथ लेकर चले गए। इतना ही नहीं कांवडिय़ों ने गेट के बायीं ओर बनी दीवार को भी तोड़ दिया। मंसा देवी वाले गेट पर भी कांवडिय़ों का आंतक रहा।
बिना अनुमति खोला गया टाइगर रिजर्व
उन्होंने बोर्ड को तोड़कर जमीन पर डाल दिया। जिससे शुक्रवार को आने जाने वाले राहगीरों को गेट से बचकर निकलना पड़ा। विभाग की उदासीनता इतनी रही कि विभाग की ओर से गेट को उठाकर साइड में भी नहीं रखा गया। सबसे अधिक नुकसान पीडब्ल्यूडी को हुआ। जो हिलबाई पास मार्ग के पुल की देखरेख करती है।
कांवडिय़े ने हिल बाईपास मार्ग पर लगे लाइटों के साथ तोड़फोड़ की। साथ ही सड़कों पर लगी रेडियम की लाइटें कांवडिय़े उखाड़ ले गए। मामले सामने आने के बाद पार्क कर्मचारी अजय कुमार की ओर से पुलिस में केस दर्ज कराया गया है।
राजाजी टाईगर रिजर्व पार्क के हरिद्वार रेंजर डीपी उनियाल ने बताया कि कांवडिय़ा पार्क के अंदर बिना अनुमति के प्रवेश करने के आरोप में अज्ञात में कांवडिय़ों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया हैं।
पूरे मामला पुलिस के संज्ञान में रहा, लेकिन पुसिल मीडिया को जानकारी देने से बचती रही। हरिद्वार में तैनात एक सीओ रात को मामले की जांच करने स्वयं पहुंचे। पूछे जाने पर उन्होंने मीडिया को वहां जाने से इनकार कर दिया। जबकि कर्मचारी ने स्वयं सीओ के हाथ में ही शिकायत दी थी।