NRHM घोटाला: CBI जांच से पहले फाइलें गायब
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राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) के तहत वर्ष 2008-09 में दवाओं की खरीद में घोटाले को लेकर सीबीआई की जांच से पहले ही आधा दर्जन फाइलें गायब हो गई हैं।
जांच एजेंसी को मामले से संबंधित पत्रावलियां सौंपने की प्रक्रिया में यह जानकारी सामने आई है। माना जा रहा है कि यह फाइलें बीते एक वर्ष में गायब हुई है।
मामला शुक्रवार को स्वास्थ्य मंत्री के संज्ञान में लाया गया तो उन्होंने इसकी जांच के साथ दोषी अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही के आदेश दिए हैं। यह भी संभावना है कि फाइलों के गुम होने पर एफआईआर दर्ज करवाई जाए।
बीते एक वर्ष में दवा घोटाले से संबंधित आधा दर्जन फाइलें गायब हो गई हैं। महानिदेशालय स्तर से इन फाइलों को मिशन निदेशक को भेजे जाने की बात सामने आई है, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो रहा कि किस मिशन निदेशक के कार्यकाल में पत्रावलियां लापता हुई हैं।
साल भर में बदले गए चार निदेशक
एक वर्ष में चार मिशन निदेशक एनएचएम में आए हैं। अब यह जांच का विषय है कि किस के कार्यकाल में फाइलों को लेकर लापरवाही बरती हुई।
स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि कुछ फाइलें लापता होने का मामला सामने आया है, जिसपर जांच बैठा कर दोषी अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्यवाही के आदेश दिए हैं। बीते एक वर्ष में कई मिशन निदेशक बदले गए हैं ऐसे में यह जांच से स्पष्ट होगा कि फाइलें गायब कैसे गायब हुई।
यह है मामला
रिप्रोडेक्टिव चाइल्ड केयर (आरसीएच) के तहत वर्ष 2008-09 में 14.7 करोड़ रुपये का बजट मिशन के तहत स्वीकृत हुआ, जिसमें लगभग साढ़े ग्यारह करोड़ रुपये की दवा खरीद हुई। खरीदी गई दवाएं सभी जनपदों में बांटी जानी थी, लेकिन रुड़की ड्रग वेयर हाउस में 22 लाख रुपये की एक्सपायरी दवाओं की खेप मिली।
एक्सपायर दवा खरीद पर सूचना के अधिकार में जानकारी नहीं मिलने आयुक्त अनिल शर्मा ने सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। सीबीआई निदेशालय के मामले में जांच के लिए सहमति देने के बाद स्थानीय कार्यालय जांच में जुट गया है। विभाग से फाइलें तलब की गई हैं।