{"_id":"60636f428ebc3e8d39131acb","slug":"file-a-case-against-begging-children-or-sellers-of-goods-city-news-drn3751353153","type":"story","status":"publish","title_hn":"बच्चों से भीख मंगवाने या सामान बिकवाने वालों पर दर्ज कराएं मुकदमा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बच्चों से भीख मंगवाने या सामान बिकवाने वालों पर दर्ज कराएं मुकदमा
विज्ञापन
शहर में बच्चों से भीख मंगवाने या सामान बिकवाने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। जिला टास्कफोर्स समिति की बैठक लेते हुए जिलाधिकारी डा. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने इसके निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने बच्चे गोद में लेकर भीख मांगने वाली महिलाओं पर भी नजर रखने को कहा। उन्होंने ऐसी महिलाओं और बच्चों की डीएनए जांच कराने के निर्देश दिए।
ऋषिपर्णा सभागार में श्रम विभाग के समन्वय से आयोजित बैठक में उन्होंने सभी तरह की भिक्षावृत्ति, सामान बेचने और काम कराने के मामलों में सख्ती करने के निर्देश दिए। उन्होंने श्रम विभाग, पुलिस, समाज कल्याण, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, चाइल्ड हेल्पलाइन, जिला बाल कल्याण समिति, बचपन बचाओ आंदोलन जैसे संगठनों को समन्वय के साथ काम करने को कहा। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों को रेस्क्यू कर उनके माता-पिता और संरक्षकों की पहचान की जाए। मजबूरी में ऐसा काम कराने वाले अभिभावकों की काउंसिलिंग कर उन्हें प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार से जोड़ा जाए। उन्होंने बच्चों के फर्जी दस्तावेज बनाकर उम्र ज्यादा दिखाने और काम करने वालों पर भी कार्रवाई करने को कहा।
बाल गृह भिजवाए जाएं बच्चे
देहरादून। जिलाधिकारी ने रेस्क्यू किए जा रहे उन बच्चों को बाल गृहों में भेजने के निर्देश दिए, जिनके वैधानिक माता-पिता और अभिभावक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि समाज कल्याण विभाग इसमें समन्वय करे। उन्होंने ऐसे बच्चों को मानको के अनुसार उचित पोषण देने और उनकी स्कूलिंग, मनोरंजन व कौशल विकास पर भी ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि बाल अत्याचार और उत्पीड़न की हर शिकायत पर त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए।
विज्ञापन
सहायक श्रम आयुक्त से जवाब तलब
देहरादून। उन्होंने बाल श्रम को लेकर निश्चित अवधि में बैठक न कराने और कार्यों में लापरवाही बरतने पर सहायक श्रम आयुक्त को नोटिस जारी किया। जिलाधिकारी ने उन्हें अपना स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज की जाएगी।
विज्ञापन
ऋषिपर्णा सभागार में श्रम विभाग के समन्वय से आयोजित बैठक में उन्होंने सभी तरह की भिक्षावृत्ति, सामान बेचने और काम कराने के मामलों में सख्ती करने के निर्देश दिए। उन्होंने श्रम विभाग, पुलिस, समाज कल्याण, शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, चाइल्ड हेल्पलाइन, जिला बाल कल्याण समिति, बचपन बचाओ आंदोलन जैसे संगठनों को समन्वय के साथ काम करने को कहा। उन्होंने कहा कि ऐसे बच्चों को रेस्क्यू कर उनके माता-पिता और संरक्षकों की पहचान की जाए। मजबूरी में ऐसा काम कराने वाले अभिभावकों की काउंसिलिंग कर उन्हें प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार से जोड़ा जाए। उन्होंने बच्चों के फर्जी दस्तावेज बनाकर उम्र ज्यादा दिखाने और काम करने वालों पर भी कार्रवाई करने को कहा।
विज्ञापन
बाल गृह भिजवाए जाएं बच्चे
देहरादून। जिलाधिकारी ने रेस्क्यू किए जा रहे उन बच्चों को बाल गृहों में भेजने के निर्देश दिए, जिनके वैधानिक माता-पिता और अभिभावक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि समाज कल्याण विभाग इसमें समन्वय करे। उन्होंने ऐसे बच्चों को मानको के अनुसार उचित पोषण देने और उनकी स्कूलिंग, मनोरंजन व कौशल विकास पर भी ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि बाल अत्याचार और उत्पीड़न की हर शिकायत पर त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए।
विज्ञापन
सहायक श्रम आयुक्त से जवाब तलब
देहरादून। उन्होंने बाल श्रम को लेकर निश्चित अवधि में बैठक न कराने और कार्यों में लापरवाही बरतने पर सहायक श्रम आयुक्त को नोटिस जारी किया। जिलाधिकारी ने उन्हें अपना स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज की जाएगी।