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मादा गुलदार ने चिड़ियापुर में उपचार के दौरान तोड़ा दम
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कालसी। चकराता वन प्रभाग अंतर्गत साहिया में सियारलीखड्ड के पास मिली मादा गुलदार ने मंगलवार को उपचार के दौरान चिड़ियापुर हरिद्वार स्थित रेस्क्यू सेंटर में दम तोड़ दिया। गुलदार की मौत के बाद वन कर्मचारियों का एक दल रेंजाधिकारी बीडी सकलानी के नेतृत्व में चिड़ियापुर के लिए रवाना हो गया है। वन कर्मियों की मौजूदगी में ही गुलदार का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
बीते सोमवार सुबह कुछ लोगों ने सियारलीखड्ड के पास एक गुलदार को बदहवाश हालत में देखा था। लोगों की भीड़ बढ़ता देख गुलदार नीचे अमलावा नदी में चली गई थी। जहां कमजोरी के कारण वह नदी को पार नहीं कर सकी थी और नदी के तेज बहाव के साथ बहने लगी थी। कुछ दूरी पर गुलदार पानी से बाहर निकल बेसुध हो गई थी। जिसके बाद वन विभाग कर्मचारी उसे रेस्क्यू कर कालसी स्थित गेस्ट हाउस ले गए थे। जहां पर प्राथमिक उपचार के बाद उसे चिड़ियापुर हरिद्वार स्थित रेस्क्यू सेंटर में भेज दिया गया था। डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद गुलदार के एक्यूट वायरल इंफेक्शन, एक्यूट वैक्टीरियल इंफेक्शया फिर पॉयजनिंग से तबियत बिगड़ने की बात कही थी। डीएफओ दीप चंद आर्य ने बताया कि सेंटर में ले जाने के बाद गुलदार की हालत में तेजी से सुधार आया था। मंगलवार शाम तीन बजे तक गुलदार मूवमेंट कर रही थी। लेकिन शाम पांच बजे सूचना मिली कि गुलदार की मौत हो चुकी है। बताया कि मौत से पहले गुुलदार को फिट्स पड़े थे। बताया कि पोस्टमार्टम के बाद उसके बिसरे को सुरक्षित रख जांच के लिए बरेली स्थित भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान में भेजा जाएगा। वहीं प्रमुख वन संरक्षक जयराज ने बताया कि पूरे मामले पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही उसकी मौत के सही कारण स्पष्ट हो सकेंगे।
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बीते सोमवार सुबह कुछ लोगों ने सियारलीखड्ड के पास एक गुलदार को बदहवाश हालत में देखा था। लोगों की भीड़ बढ़ता देख गुलदार नीचे अमलावा नदी में चली गई थी। जहां कमजोरी के कारण वह नदी को पार नहीं कर सकी थी और नदी के तेज बहाव के साथ बहने लगी थी। कुछ दूरी पर गुलदार पानी से बाहर निकल बेसुध हो गई थी। जिसके बाद वन विभाग कर्मचारी उसे रेस्क्यू कर कालसी स्थित गेस्ट हाउस ले गए थे। जहां पर प्राथमिक उपचार के बाद उसे चिड़ियापुर हरिद्वार स्थित रेस्क्यू सेंटर में भेज दिया गया था। डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद गुलदार के एक्यूट वायरल इंफेक्शन, एक्यूट वैक्टीरियल इंफेक्शया फिर पॉयजनिंग से तबियत बिगड़ने की बात कही थी। डीएफओ दीप चंद आर्य ने बताया कि सेंटर में ले जाने के बाद गुलदार की हालत में तेजी से सुधार आया था। मंगलवार शाम तीन बजे तक गुलदार मूवमेंट कर रही थी। लेकिन शाम पांच बजे सूचना मिली कि गुलदार की मौत हो चुकी है। बताया कि मौत से पहले गुुलदार को फिट्स पड़े थे। बताया कि पोस्टमार्टम के बाद उसके बिसरे को सुरक्षित रख जांच के लिए बरेली स्थित भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान में भेजा जाएगा। वहीं प्रमुख वन संरक्षक जयराज ने बताया कि पूरे मामले पर बारीकी से नजर रखी जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही उसकी मौत के सही कारण स्पष्ट हो सकेंगे।
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