किसान आंदोलन: कानूनों के समर्थन में केंद्रीय कृषि मंत्री तोमर से मिले उत्तराखंड के किसान
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दिल्ली में किसान आंदोलन के बीच कृषि कानूनों के समर्थन में उत्तराखंड के किसानों ने आज केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से मुलाकात की। इस दौरान उनके साथ केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री कैलाश चौधरी और उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे भी शामिले रहे।
इस दौरान कैलाश चौधरी ने कहा कि 'मुझे आशा है कि वार्ता के अगले दौर में किसान सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ आएंगे। अगर किसान दो कदम आगे बढ़ते हैं, तो सरकार भी दो कदम आगे बढ़ेगी, तभी कोई हल निकल सकता है।
I hope that the farmers come with a positive outlook to the next round of talks. If the farmers move two steps, then the government will also move two steps forward, only then a solution can be reached: MoS Agriculture Kailash Choudhury pic.twitter.com/Html4xlO6G
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) December 13, 2020
Today farmers from Uttarakhand met me in support of the #FarmLaws. I would like to thank the farmers who understood the laws, expressed their views and supported it: Union Agriculture Minister Narendra Singh Tomar. https://t.co/utiJh3L6Vp pic.twitter.com/u2vQB2fAPc
— ANI (@ANI) December 13, 2020
कृषि बिल पर हो रही राजनीति: चौहान
हरिद्वार में भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश महामंत्री योगेश चौहान ने कहा कि कृषि बिल किसानों के हित में है। कुछ राजनीतिक पार्टियां इसका विरोध कर रही हैं। पार्टियों किसानों के कंधे में बंदूक रखकर राजनीतिक रोटियां सेंक रही हैं।
भाजपा जिला कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में प्रदेश महामंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों की आय दोगुना करने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। कृषि बिल किसानों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। बिचौलियों का रोल खत्म हो जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्पष्ट कर चुके हैं कि भविष्य में सरकार फसल बुवाई के समय ही एमएसपी तय करेगी।
किसान चाहें तो फसल बाजार भाव पर भी बेच सकता है। अनुबंध केवल फसल का होगा। जमीन से इसका कोई लेनादेना नहीं है। कोई भी कंपनी किसान की जमीन पर लोन नहीं ले सकेगी। मंडियां खत्म नहीं होंगी। किसान फसल को देश भर में कहीं भी खुले बाजार में जाकर बेच सकता है।
प्रदेश उपाध्यक्ष ऋषिपाल बालियान ने कहा कि किसानों को सिविल कोर्ट जाने का अधिकार भी दे दिया है। प्रदेश उपाध्यक्ष देवी सिंह राणा ने कहा कि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने में कृषि बिल मील का पत्थर साबित होगा।