किसानों ने अधिकारियों को किया 'किडनैप'
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गन्ना भुगतान की मांग के समर्थन के लिए धरने पर बैठे किसानों ने तीन दिन तक गन्ना अधिकारियों को बंधक बनाकर रखा।
गन्ना विभाग के कर्मचारियों की चेतावनी के बाद हरकत में आए प्रशासन के अधिकारियों ने तीन दिन से बंधक बनाए गए सहायक गन्ना आयुक्त और समिति के सचिव को आखिरकार मुक्त करा लिया।
प्रशासन की ओर से सोमवार शाम तक मिल मालिकों के खिलाफ रिकवरी वारंट जारी करने का आश्वासन देने पर किसान दोनों अधिकारियों को छोड़ने पर राजी हुए। किसान मोर्चा के अध्यक्ष गुलशन रोड ने कहा कि गन्ना भुगतान होने तक धरना जारी रहेगा।
तहसील परिसर में धरने पर बैठे उत्तराखंड किसान मोर्चा के सदस्यों ने 12 सितंबर की शाम को वार्ता करने आए सहायक गन्ना आयुक्त अशोक चौहान और इकबालपुर गन्ना समिति के सचिव दिग्विजय सिंह को बंधक बना लिया था।
तब से दोनों अधिकारी तहसील परिसर में बंधक थे। इस दौरान प्रशासन की ओर से उन्हें बंधन मुक्त कराने के लिए कोई प्रयास नहीं किए गए।
पुलिस में आपराधिक मुकदमा दर्ज कराने का निर्णय
प्रशासन और किसानों के इस रुख से नाराज उत्तराखंड गन्ना पर्यवेक्षक संघ के सदस्यों ने रविवार को इकबालपुर गन्ना समिति के रुड़की कार्यालय परिसर में बैठक कर अधिकारियों को बंधक बनाने की निंदा की।
सोमवार से प्रदेशभर के सभी समिति कार्यालयों में तालाबंदी करने तथा किसान मोर्चा के नेताओं के खिलाफ पुलिस में आपराधिक मुकदमा दर्ज कराने का निर्णय लिया गया।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष यशवीर सिंह ने आरोप लगाया कि दोनों अधिकारियों को बेवजह और गैर कानूनी रूप से बंधक बनाया गया है। उन्होंने प्रशासन पर उनकी बात न सुनने तथा बंधक बनाने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने का भी आरोप लगाया। बैठक में संघ से जुड़े कई पदाधिकारी मौजूद थे।
वार्ता के लिए पहुंचा प्रशासन
गन्ना कर्मचारियों की तालाबंदी की चेतावनी के बाद दोपहर में एडीएम जीवन सिंह नगन्याल, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नितिन सिंह भदौरिया तथा एएसडीएम प्रत्यूष सिंह तथा एसपी देहात प्रमेंद्र डोबाल ने तहसील पहुंचकर किसानों से वार्ता की।
इस दौरान किसान मोर्चा के सदस्यों ने चेतावनी दी कि जब तक भुगतान नहीं होगा तब तक वे दोनों अफसरों को नहीं छोड़ेंगे। अधिकारियों ने जिलाधिकारी से किसान नेताओं की बात टेलीफोन पर बात कराई। मोर्चा के अध्यक्ष गुलशन रोड ने बताया कि जिलाधिकारी ने उन्हें बताया कि गन्ना आयुक्त से उनकी बात हुई है।
उन्होंने मिल मालिकों के खिलाफ सोमवार को हर हाल में रिकवरी वारंट जारी करने का भरोसा दिलाया है। वारंट जारी होते ही वे किसानों को गन्ना भुगतान कराने के लिए पुरजोर प्रयास करेंगे। इस आश्वासन पर किसान दोनों अफसरों को छोड़ने पर राजी हुए। गुलशन रोड ने बताया कि अफसरों को छोड़ तो दिया गया है लेकिन वे गन्ना भुगतान होने तक आंदोलन जारी रखेंगे।
बंधक अधिकारी की तबियत बिगड़ी
दो दिन से बंधक सहायक गन्ना आयुक्त अशोक चौहान की रविवार की सुबह तबियत बिगड़ गई। उन्होंने इस बारे में अपने परिजनों को सूचना दी जिस पर उनके बेटे अभिनीत और अन्य परिजनों ने उन्हें दवाई लाकर दी। इस दौरान परिजनों ने किसान मोर्चा के सदस्यों से चौहान और दिग्विजय सिंह को छोड़ने का आग्रह भी किया।
सीएम के दरबार से भी निराश लौटे किसान
उत्तराखंड किसान मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष गुलशन रोड, राजपाल सिंह और मकर सिंह आदि लोगों ने शनिवार शाम देहरादून में सीएम हरीश रावत से मुलाकात की।
गुलशन रोड ने बताया कि गन्ना भुगतान को लेकर कोई सकारात्मक आश्वासन नहीं मिला। उन्होंने राज्य सरकार पर किसानों की उपेक्षा करने का आरोप लगाया। जिलाध्यक्ष महकार सिंह और राष्ट्रीय महामंत्री राकेश अग्रवाल ने आरोप लगाया कि सरकार की अनदेखी के चलते 55000 किसान परेशान हैं।
पहले दे दी थी तहरीर
गन्ना पर्यवेक्षक संघ की ओर से किसान मोर्चा के पदाधिकारियों के खिलाफ दोनों अधिकारियों को बंधक बनाने को लेकर कोतवाली गंगनहर में तहरीर दी गई थी लेकिन इसी बीच समझौते की सूचना आने पर उन्होंने मुकदमा दर्ज कराने का निर्णय वापस ले लिया। संघ के अध्यक्ष यशवीर सिंह ने कहा कि अब संघ की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।