कर्ज में डूबे किसान को बैंक ने थमाया 20 लाख का नोटिस, हार्ट अटैक से हो गई मौत
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कर्ज में डूबे प्रतापपुर के एक किसान की हृदय गति रुकने से मौत हो गई। परिजन इसके लिए एसबीआई के नोटिस एवं उत्तराखंड ग्रामीण बैंक से काटी आरसी को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
मृतक किसान ने सूदखोरों से मोटी रकम उधार ली थी, जिसकी वसूली का दबाव भी उस पर बताया गया है। मृतक नौ एकड़ भूमि का मालिक है। ग्राम प्रतापपुर निवासी भजन सिंह (65) पुत्र करतार सिंह को शुक्रवार रात दो बजे दिल का दौरा पड़ा।
परिजन उसे खटीमा और पीलीभीत के बाद बरेली ले जा रहे थे। रास्ते में ही उसका निधन हो गया। मृतक भजन सिंह ने एसबीआई से 17 नवंबर 2012 को 12 लाख रुपये कर्ज लिया था। समय पर ऋण अदा नहीं होने के कारण यह कर्ज बढ़कर 16 लाख 30 हजार रुपये हो गया।
इसकी अदायगी के लिए बैंक ने 30 मई 2017 को नोटिस जारी किया और लगातार फोन कर वसूली के लिए कहा जा रहा था। इसके साथ ही उत्तराखंड ग्रामीण बैंक शाखा झनकट से भजन सिंह ने 21 मार्च 2007 को चार लाख रुपये ऋण लिया था।
दो बेटे भी हैं कर्जदार
ऋण जमा न होने पर बैंक ने इसी साल जनवरी में आरसी काट कर राजस्व विभाग को मामला सौंपा था। वसूली के लिए राजस्व विभाग की टीम कई बार घर पहुंची और घटना के 10 घंटे पूर्व भी कर्ज चुकाने के लिए अमीन का उसे फोन आया था।
परिजनों का कहना है कि मृतक किसान ने सूदखोरों से भी तीन प्रतिशत प्रतिमाह ब्याज की दर पर कर्ज लिया था। साहूकार वसूली के लिए दबाव बना रहे थे, इसकी वजह से भी वह तनाव में रहते थे।
दो बेटे भी हैं कर्जदार
भजन सिंह की मौत के बाद उसके तीनों पुत्र रणजीत, कुलदीप एवं त्रिलोक सिंह खासे परेशान हैं। उनके ऊपर साहूकारों की लाखों रुपये की रकम एवं एसबीआई सहित उत्तराखंड ग्रामीण बैंक के कर्ज अदायगी गंभीर समस्या है। इसके अतिरिक्त मृतक के पुत्र रणधीर के नाम एसबीआई का चार लाख एवं कुलदीप के नाम उत्तराखंड ग्रामीण बैंक झनकट का साढ़े तीन लाख रुपये का लोन है।