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जाम में फंसे बीमार को बचाने के लिए दामाद ने की लोगों से मिन्नतें, लेकिन किसी ने नहीं की मदद
ब्यूरो / अमर उजाला, हल्द्वानी
Updated Tue, 24 Oct 2017 08:37 AM IST
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जाम की वजह से 108 एंबुलेंस भी नहीं पहुंच सकी
- फोटो : अमर उजाला
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हल्द्वानी की गुलाबघाटी में दो ट्रकों के पलटने से सलड़ी-काठगोदाम मार्ग पर लगा तीन घंटे का जाम बीमार किसान के लिए भारी पड़ गया।
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घंटों जाम में फंसे रहने से उसकी सांसें फूल गईं और टैक्सी में ही दम तोड़ दिया। सांस की बीमारी का इलाज कराने के लिए परिजन उसे मुक्तेश्वर से हल्द्वानी ला रहे थे, लेकिन हालत बिगड़ने के कारण समय से इलाज नहीं मिल सका। जाम एंबुलेंस भी नहीं पहुंच पाई।
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तारादत्त जोशी के दामाद विनोद शर्मा ने बताया कि जैसे ही बाबू की तबियत बिगड़नी शुरू हुई टैक्सी निकालने के लिए आगे खड़ी गाड़ी वालों के हाथ जोड़े, लाख मिन्नतें की, लेकिन किसी ने भी नहीं सुनी। परिचितों को भी फोन लगाया।
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किसी तरह काठगोदाम थाना पुलिस का नंबर मिला। फिर पुलिस को फोन किया। उसके 15 से 20 मिनट बाद पुलिस आई और जाम खुलवाया। वाहनों ने धीरे-धीरे रेंगना शुरू किया तो गाड़ी बढ़ी, फिर भी बाबू को नहीं बचा सके। गांव में डॉक्टर और अस्पताल की कमी होने पर ही वह अच्छे इलाज के लिए हल्द्वानी लेकर आ रहे थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि गाड़ियों का जाम ही उनके ससुर की जान ले लेगा।
गाड़ी जाम में फंसे रहने से तारादत्त की हालत बिगड़ गई
तारादत्त को टैक्सी से हल्द्वानी के बेस अस्पताल ले जा रहे थे
गहना मुक्तेश्वर निवासी 55 साल के तारादत्त जोशी सांस की बीमारी से पीड़ित थे। रविवार को तबियत ज्यादा बिगड़ने पर घर वाले उन्हें टैक्सी से हल्द्वानी के बेस अस्पताल में इलाज के लिए ला रहे थे। गुलाबघाटी में दो ट्रकों के पलटने से जाम लगा तो सलड़ी काठगोदाम मार्ग पर उनकी टैक्सी भी फंस गई। तीन घंटे से ज्यादा समय तक गाड़ी जाम में फंसे रहने से तारादत्त की हालत बिगड़ गई।
परिजनों ने गाड़ी वालों से मिन्नतें की ताकि टैक्सी को निकाल कर अस्पताल तक पहुंचाया जा सके, फिर भी जाम नहीं खुला। साथ में आए उनके दामाद विनोद शर्मा ने एंबुलेंस 108 को भी फोन किया लेकिन जाम की वजह से एंबुलेंस भी नहीं पहुंच सकी। काठगोदाम थाने में फोन किया तो पुलिस की नींद टूटी। कुछ देर बाद पहुंचे सिपाहियों ने आड़े-तिरछे खड़े वाहनों पर लाठी फटकारकर जाम खुलवाया। जब तक तारादत्त का शरीर ठंडा पड़ चुका था। परिजन उन्हें लेकर बेस अस्पताल पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
यह घटना बहुत दुखद है। गुलाबघाटी पर दो ट्रकों के पलटने से जाम लग गया था। पुलिस फोर्स इन ट्रकों को हटवाने में लगा थी, ताकि जाम खुल सके। एकल मार्ग होने के कारण यातायात व्यवस्थित करने में दिक्कत हुई।
- जन्मेजय खंडूरी, एसएसपी, नैनीताल
परिजनों ने गाड़ी वालों से मिन्नतें की ताकि टैक्सी को निकाल कर अस्पताल तक पहुंचाया जा सके, फिर भी जाम नहीं खुला। साथ में आए उनके दामाद विनोद शर्मा ने एंबुलेंस 108 को भी फोन किया लेकिन जाम की वजह से एंबुलेंस भी नहीं पहुंच सकी। काठगोदाम थाने में फोन किया तो पुलिस की नींद टूटी। कुछ देर बाद पहुंचे सिपाहियों ने आड़े-तिरछे खड़े वाहनों पर लाठी फटकारकर जाम खुलवाया। जब तक तारादत्त का शरीर ठंडा पड़ चुका था। परिजन उन्हें लेकर बेस अस्पताल पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
यह घटना बहुत दुखद है। गुलाबघाटी पर दो ट्रकों के पलटने से जाम लग गया था। पुलिस फोर्स इन ट्रकों को हटवाने में लगा थी, ताकि जाम खुल सके। एकल मार्ग होने के कारण यातायात व्यवस्थित करने में दिक्कत हुई।
- जन्मेजय खंडूरी, एसएसपी, नैनीताल
घंटों लगा जाम, मगर पुलिस बनी रही अनजान
तीन-चार घंटे जाम लगने के बाद भी पुलिस को इसकी सुध नहीं
- फोटो : अमर उजाला
अवकाश के दिनों में नैनीताल और भीमताल जाने वाले मार्गों पर आए दिन जाम की हालत रहती है। रविवार को भी ट्रक पलटने की वजह से भी जाम विकट हो गया था। तीन-चार घंटे जाम लगने के बाद भी पुलिस को इसकी सुध नहीं थी। जब किसान के दामाद ने काठगोदाम थाने फोन किया तब पुलिस को होश आया।
दो एंबुलेंस भी फंसी थीं जाम में
नियमों के अनुसार ट्रैफिक सिग्नल, चौराहों पर जाम में भी सबसे पहले एंबुलेंस को निकलने की तरजीह दी जाती है लेकिन सलड़ी-काठगोदाम मार्ग पर लगे जाम में दो-दो एंबुलेंस भी फंसी हुई थी। गनीमत यह थी कि इस एंबुलेंस का ऑक्सीजन सिलेंडर खत्म नहीं हुआ था।
भरापूरा परिवार छोड़ गए तारदात्त
तारादत्त जोशी की छह बेटियां मंजू शर्मा, हेमा पलड़िया, दुर्गा जोशी, नीमा जोशी और भावना जोशी और एक बेटा भास्कर है। पत्नी का छह महीने पहले ही देहांत हुआ है।
दो एंबुलेंस भी फंसी थीं जाम में
नियमों के अनुसार ट्रैफिक सिग्नल, चौराहों पर जाम में भी सबसे पहले एंबुलेंस को निकलने की तरजीह दी जाती है लेकिन सलड़ी-काठगोदाम मार्ग पर लगे जाम में दो-दो एंबुलेंस भी फंसी हुई थी। गनीमत यह थी कि इस एंबुलेंस का ऑक्सीजन सिलेंडर खत्म नहीं हुआ था।
भरापूरा परिवार छोड़ गए तारदात्त
तारादत्त जोशी की छह बेटियां मंजू शर्मा, हेमा पलड़िया, दुर्गा जोशी, नीमा जोशी और भावना जोशी और एक बेटा भास्कर है। पत्नी का छह महीने पहले ही देहांत हुआ है।