रुड़की में दवा कंपनी में छापेमारी, चार जिलों की टीमों ने की कार्रवाई, लाखों की दवाएं जब्त
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ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर दवाएं बनाने की सूचना पर चार जिलों की ड्रग विभाग की टीम ने भगवानपुर क्षेत्र स्थित दवा कंपनी में छापेमारी कर लाखों रुपये की दवाएं जब्त कर ली। साथ ही ब्रांडेड कंपनियों के लेबल भी बरामद किए हैं। टीम ने दवाओं का सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेज दिया है। साथ ही दो लोगों को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। विभाग की कार्रवाई से कंपनी में हड़कंप मच गया। वहीं, क्षेत्र की अन्य दवा कंपनियों में भी अफरातफरी की स्थिति रही।
भगवानपुर क्षेत्र में रायपुर के पास इनोवा फार्मा में शनिवार दोपहर हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल और देहरादून की ड्रग विभाग की टीम ने संयुक्त छापेमारी की। टीम को देखकर कुछ कर्मचारी दीवार फांदकर फरार हो गए। टीम ने मेन गेट बंद कर कंपनी के अंदर बन रही दवाओं की जांच की। इसके बाद करीब ढाई लाख की कीमत की दवा अपने कब्जे में ले ली। इस दौरान बड़ी संख्या में ब्रांडेड दवा कंपनियों के लेबल भी मिले। टीम ने लेबल को भी कब्जे में ले लिया। साथ ही दवा बनाने वाली मशीनों को सील कर दिया। टीम में शामिल अधिकारियों ने दो लोगों को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। इसके बाद दवाओं के सैंपल जांच के लिए लैब भेज दिए।
कंपनी में ब्रांडेड दवा कंपनियों के नाम से दवाई तैयार की जा रही है
इस दौरान टीम में देहरादून के औषधि निरीक्षक नीरज कुमार, नैनीताल की औषधि निरीक्षक मीनाक्षी, ऊधमसिंह नगर से औषधि निरीक्षक सुधीर कुमार और हरिद्वार से सीपी नेगी व बीसी पंत शामिल रहे। हरिद्वार के औषधि निरीक्षक सीपी नेगी ने बताया कि कुछ दिन पहले शिकायत मिली थी कि कंपनी में ब्रांडेड दवा कंपनियों के नाम से दवाई तैयार की जा रही है। साथ ही ब्रांडेड कंपनियों के लेबल लगाकर मार्केट में सप्लाई की जा रही है। उसी शिकायत के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल कंपनी के दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
पहले भी पकड़ी जा चुकी हैं नकली दवाएं
भगवानपुर औद्योगिक क्षेत्र में दवा कंपनियों में पूर्व में भी ड्रग विभाग की छापेमारी में नकली दवाएं बनाने का खुलासा हो चुका है। इसके साथ ही ब्रांडेड दवाओं के लेबल लगाकर नकली दवा बेचने के मामले पकड़ में आ चुके हैं। रुड़की क्षेत्र में भी ऐसे कई मामले में सामने आ चुके हैं। बावजूद इसके नकली दवा बनाने वाले हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं।