फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Experts gave suggestions on Uttarakhand yoga policy read more Updates in hindi

Uttarakhand News: प्रदेश की योग नीति पर विशेषज्ञों ने दिए सुझाव, जल्द कैबिनेट में लाया जाएगा प्रस्ताव

Sat, 20 Jan 2024 05:53 PM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Sat, 20 Jan 2024 05:53 PM IST
सार

उत्तराखंड योग और ध्यान की प्राचीन पद्धति इतिहास समेटे हुए है। प्रदेश सरकार राज्य को अंतरराष्ट्रीय योग हब बनाने की दिशा में प्रयासरत है। इस नीति से योग, नेचुरोपैथी, आध्यात्मिक के लिए बुनियादी ढांचा विकसित होगा।

विज्ञापन
Experts gave suggestions on Uttarakhand yoga policy read more Updates in hindi
बैठक - फोटो : amar ujala

विस्तार

प्रदेश की पहली योग नीति के ड्राफ्ट पर विशेषज्ञों ने सुझाव दिए। उन्होंने योग को बढ़ावा देने के लिए उत्तराखंड की पहल को सराहा और कहा, नीति के बनने से योग शिक्षा और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। आयुष सचिव डॉ. पंकज कुमार पांडेय ने कहा, जल्द ही नीति को अंतिम रूप देकर कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा।

विज्ञापन

शुक्रवार को सचिवालय में आयुष विभाग की बैठक में योग नीति के प्रस्ताव विशेषज्ञों और हितधारकों के साथ चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने बताया, कि उत्तराखंड योग और ध्यान की प्राचीन पद्धति इतिहास समेटे हुए है। प्रदेश सरकार राज्य को अंतरराष्ट्रीय योग हब बनाने की दिशा में प्रयासरत है। इस नीति से योग, नेचुरोपैथी, आध्यात्मिक के लिए बुनियादी ढांचा विकसित होगा।

विज्ञापन

योग को पाठ्यक्रम में किया जा रहा शामिल
इस क्षेत्र में निवेश पर प्रदेश सरकार 50 प्रतिशत सब्सिडी भी देगी। इसके अलाव योग शिक्षा को बढ़ावा देने का प्रावधान किया गया। बताया गया कि उत्तराखंड में कई योग आश्रम और आध्यात्मिक केंद्र हैं, जिनमें से प्रत्येक योग परंपराओं के प्रचार और संरक्षण में योगदान दे रहे हैं। ये केंद्र योग को जीवन शैली के रूप में बढ़ावा देने और दुनियाभर से साधकों और उत्साही लोगों को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें...Uttarakhand:  हाई रिस्क जोन में जोशीमठ का 35 % हिस्सा, नगरवासियों ने बाहर बसने से किया साफ इनकार

कहा, आयुर्वेद कार्यक्रम के माध्यम से योग को पाठ्यक्रम में शामिल किया जा रहा है। आयुष सचिव ने कहा, नीति में विशेषज्ञों के सुझावों को शामिल किया जाएगा। जल्द ही नीति का प्रस्ताव मंजूरी के लिए कैबिनेट में लाया जाएगा। इस मौके पर अपर सचिव डॉ. विजय जोगदंडे, पतंजलि विवि से मयंक अग्रवाल, परमार्थ निकेतन से डॉ. वाचस्पति कुलवंत, स्वामी विवेकानंद योग विवि बंगलूरू से डाॅ. बीआर रामकृष्णन, कृष्णमाचार्य योग मंदिर चेन्नई के योग गुरु श्रीधरन, हरियाणा योग आयोग के सदस्य जयदीप आर्य, योग गुरु चंद्र मोहन भंडारी ने योग नीति पर सुझाव दिए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed