फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Exclusive: Water of Nine Rivers including Ganges will have to be Save For Bath

एक्सक्लूसिव: गंगा समेत नौ नदियों का पानी नहाने लायक बनाकर रखना होगा 

Mon, 28 Dec 2020 01:49 PM IST
अलका त्यागी सुधाकर भट्ट, अमर उजाला, देहरादून
सुधाकर भट्ट, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 28 Dec 2020 01:49 PM IST
सार

  • नदियों में कोई औद्योगिक, शहरी कचरा नहीं जाएगा, राज्य प्रदूषण नियंत्रण एवं पर्यावरण बोर्ड ने जारी किया आदेश
  • नदियां कम से कम नहाने लायक होंगी, जनवरी में शुरू होगा नदियों के जल संग्रहण क्षेत्र का उपचार 

विज्ञापन
Exclusive: Water of Nine Rivers including Ganges will have to be Save For Bath

विस्तार

उत्तराखंड में गंगा समेत प्रदेश की नौ नदियों के पुनर्जीवन का काम किया जा रहा है। इन पर एनजीटी भी निगाह रखे हुए है। अभी तक इन नदियों में पानी का बहाव बढ़ाने की कोशिश की जा रही थी। राज्य प्रदूषण नियंत्रण एवं पर्यावरण बोर्ड ने आदेश जारी किया कि इन नदियों का पानी कम से कम नहाने लायक जरूर होना चाहिए।

विज्ञापन


साथ ही इनका न्यूनतम बहाव हमेशा बना रहे और साथ ही इनमें किसी तरह का कचरा न जाए। नदियों के पुनर्जीवन का काम समयबद्ध भी कर दिया गया है। एक्शन प्लान को मंजूरी भी मिल चुकी है। 
विज्ञापन


इन नदियों का पुनर्जीवन होना है 
गंगा(हरिद्वार), सुसवा-देहरादून, ढेला, किच्छा, भेला, कल्याणी, नंधौर-कैलाश, पिलखर, कोसी 

एनजीटी की भी है इन पर निगाह
इन नदियों के पुनर्जीवन पर एनजीटी की भी निगाह है। एनजीटी की सख्त निगरानी के चलते ही प्रदूषण नियंत्रण एवं पर्यावरण संरक्षण बोर्ड ने संबंधित एजेंसियों से इन नदियों के पुनर्जीवन का काम तय समय से पूरा करने को कहा है। पुनर्जीवन के तहत न सिर्फ इन नदियों में पानी की मात्रा बढ़ानी है, बल्कि नदियों का पानी साफ हो इस पर भी काम किया जाना है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


जनवरी से शुरू होगा जल संग्रहण क्षेत्र का उपचार
बोर्ड की ओर से जारी आदेश के मुताबिक जनवरी से इन नदियों के जल संग्रहण क्षेत्र के उपचार का काम भी शुरू किया जाना है। यह काम कैंपा योजना के तहत किया जाएगा और इसके लिए पौधा रोपण पर भी जोर रहेगा। 

पानी का न्यूनतम बहाव बनाकर रखना होगा

सिंचाई विभाग ने पानी के बहाव का आकलन का काम अक्तूबर 2020 से शुरू कर दिया है। साल भर में पानी के बहाव की मात्रा के आधार पर तय किया जाएगा कि किस समय नदी में न्यूनतम पानी की कितनी मात्रा रहती है। ऐसे में नदी पर बैराज, बांध बनाने  सहित अन्य मामलों में भी पानी का बहाव बनाकर रखना होगा। 

भूजल का स्तर साल में दो बार मापा जाएगा
बोर्ड का स्पष्ट आदेश है कि इन नदियों के जल संग्रहण क्षेत्र में भूजल का स्तर साल में दो बार मापा जाए और उसे कम न होने दिया जाए। नदी में पानी की मात्रा इस बात पर भी निर्भर करती है कि भूजल का दोहन किस स्तर पर और कितना हो रहा है।

एक्शन प्लान तैयार, सीवेज, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का बजट जारी
इन नदियों का एक्शन प्लान केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण एवं पर्यावरण संरक्षण बोर्ड से भी अनुमोदित हो चुका है। बोर्ड के मुताबिक अधिकतर नदियों में औद्योगिक कचरा, ठोस अपशिष्ट आदि के लिए बजट भी जारी किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed