Exclusive: तीर्थयात्रियों ने बयां किया अपना दर्द, रहना खाना तक नसीब नहीं
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चारधाम यात्रा के लिए बेहतर व्यवस्था के सरकारी दावे तीर्थनगरी में हवाई साबित हो रहे हैं। यात्रा के लिए वाहनों की किल्लत के चलते चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को परेशानी उठानी पड़ रही है।
मध्यप्रदेश के 62 यात्रियों का जत्था बीते तीन दिनों से यहां चारधाम यात्रा बस ट्रांजिट कंपाउंड में बस के इंतजार में ठहरने को मजबूर है। मगर अब तक प्रशासन ने उनकी यात्रा के लिए कोई इंतजाम नहीं किए हैं।
चारधाम यात्रा में शामिल होने के लिए हजारों यात्री हर दिन तीर्थनगरी पहुंच रहे हैं। वह यहां फोटोमीट्रिक पंजीकरण कार्यालय में अनिवार्य रजिस्ट्रेशन के बाद चारधाम के लिए रवाना हो रहे हैं। मगर अव्यवस्था तमाम यात्रियों पर भारी पड़ रही है।
बीते तीन दिन से वाहनों के इंतजार में यहां फंसे मध्य प्रदेश के 62 यात्रियों के जत्थे में शामिल श्रद्धालुओं ने अमर उजाला से अपनी दिक्कतें साझा की। दुर्गा सोनगरा, हरिगले द्वार, गिरधारी लांगर ने बताया कि वह तीन दिन पहले ऋषिकेश पहुंचे थे। सुबह सबेरे फोटोमीट्रिक पंजीकरण कराने के बाद भी उन्हें चारधाम जाने के लिए बस नहीं मिली है।
यात्रियों की जुबानी बदहाल व्यवस्था की कहानी
-चारधाम यात्रा के लिए पहली बार आया हूं, लेकिन तीन दिन से यहां वाहन का इंतजार कर रहे हैं। राज्य सरकार की की चारधाम यात्रा व्यवस्था शून्य के बराबर है।
-रामा, श्रद्धालु
-मैं अपने परिवार के साथ चारधाम दर्शन को पहली बार आया हूं, लेकिन तीन दिन से बस नहीं मिलने से बस अड्डे में दिन बिताने को मजबूर होना पड़ रहा है। हमें कोई सरकारी मदद नहीं मिली है
-बद्री सिंह, श्रद्धालु
-पहली मर्तबा चार धामों की यात्रा पर निकला हूं। वाहन न मिलने के कारण हमें यहां तीन दिन से रुकना पड़ा है।
-नरेंद्र जाट, श्रद्धालु
पीने का पानी तक नहीं
-गीता बाई, श्रद्धालुु
-बस के इंतजार में तीन दिनों से बीटीसी परिसर में ठहरने को मजबूर हैं। हम घर से सोच कर आए थे कि जल्द दर्शन कर वापस लौट जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।
-शकुंतला बाई, श्रद्धालुु
-वाहनों के इंतजार में हमारा समय और धन दोनों बेकार हो रहा है। बस अड्डे में हमारी मदद के लिए कोई भी अधिकारी नहीं आया।
-चतर बाई, श्रद्धालु
-मामला संज्ञान में नहीं है। मामला दिखाते हैं। रुके यात्री दल के लिए वाहनों की व्यवस्था जल्द कर दी जाएगी।
-बृजेश कुमार तिवारी, उपजिलाधिकारी, ऋषिकेश।