एक्सक्लूसिव: उत्तराखंड के 11296 किसानों से होगी 11.01 करोड़ की वसूली, ये है वजह
- किसान सम्मान निधि का ले रहे थे लाभ, इनमें 9053 आयकरदाता भी
- अपात्र होने के बावजूद इन किसानों ने ले ली पांच-पांच किस्तें
- राजस्व परिषद आयुक्त ने वसूली का पत्र जारी किया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अपात्र होने के बावजूद प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे किसानों को तगड़ा झटका लगा है। इस दायरे में आने वाले उत्तराखंड के 11296 किसानों से 11.01 करोड़ रुपये की रकम वसूली की जाएगी। इनमें 80 प्रतिशत से अधिक किसान ऐसे हैं, जो आयकर देने के बावजूद निधि का लाभ लेते रहे हैं।
इस संबंध में बाकायदा राजस्व परिषद के आयुक्त और पीएम किसान सम्मान निधि के प्रदेश के नोडल अधिकारी बीएम मिश्र ने 26 नवंबर को पत्र जारी किया है। पत्र में वसूली की कार्यवाही कर राज्य सरकार के खाते में चेक या ड्राफ्ट से राशि भेजने को कहा गया है।
नरेंद्र मोदी सरकार ने फरवरी 2019 में पीएम किसान सम्मान निधि योजना शुरू की थी। इसके तहत काश्तकारों को हर साल दो-दो हजार रुपये की तीन किस्तें दी जाती हैं। उत्तराखंड में इस वक्त 756080 किसानों को इस योजना का लाभ मिल रहा है।
इनमें 9053 ऐसे किसान हैं, जो आयकरदाता होने के बावजूद योजना का लाभ लेते रहे हैं। ये अपात्र किसान एक नहीं, लगातार पांच किस्तें ले चुके हैं। इसी तरह 2243 किसान दूसरी अपात्रता (दस हजार रुपये पेंशन) होने पर भी योजना की रकम उड़ाते रहे।
चंपावत के मुख्य कृषि अधिकारी राजेंद्र उप्रेती ने बताया कि आयकर विभाग ने बैंक खाता संख्या और आधार कार्ड नंबर से मिलान किया तो ये गड़बड़ियां उजागर हुईं। जबकि अन्य अपात्र पीएम किसान पोर्टल के सत्यापन में पकड़ में आए। आयकरदाता और दस हजार रुपये पेंशन पाने वाला किसान योजना के तहत अपात्रता की श्रेणी में आता है।
किस जिले में कितने किसानों से होगी वसूली
चंपावत : 367, पिथौरागढ़ : 455, अल्मोड़ा : 1112, बागेश्वर : 264, नैनीताल : 938, ऊधमसिंह नगर :1895, चमोली : 436, देहरादून :1094, हरिद्वार :1643, पौड़ी : 455, रुद्रप्रयाग : 372, टिहरी :1533, उत्तरकाशी : 632
अपात्रता के बावजूद किसान निधि लेने वाले किसानों को नोटिस भेजा गया है। साथ ही ऐसे किसानों की जानकारी जिले के राजस्व विभाग को भी दे दी गई है। जिन किसानों के बैंक खातों में रकम होगी, उसमें से राशि स्वत: कटौती हो पीएम किसान निधि कोष में जमा हो जाएगी। जिन किसानों के खाते में कटौती योग्य राशि नहीं होगी, उनसे राजस्व विभाग से वसूली करने का आग्रह किया गया है।
-राजेंद्र उप्रेती, मुख्य कृषि अधिकारी, चंपावत।