एक्सक्लूसिव: उत्तराखंड में नए औद्योगिक क्षेत्र की कवायद तेज, तलाशी जा रही 500 एकड़ जमीन
- नए औद्योगिक क्षेत्र के लिए लक्सर के समीप तलाशी जा रही 500 एकड़ भूमि
- आईआईडी रुड़की के माध्यम से कराया गया भूमि का ड्रोन सर्वे
- सिंचाई विभाग की तकनीकी रिपोर्ट के बाद सिडकुल विकसित करेगा औद्योगिक क्षेत्र
विस्तार
उत्तराखंड में औद्योगिक निवेश की रफ्तार बढ़ाने के लिए सरकार नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए जमीन की तलाश में जुटी है। जिससे निवेशकों को उद्योग लगाने में आसानी हो। इसके लिए हरिद्वार जिले के लक्सर के समीप नए औद्योगिक क्षेत्र बनाने के लिए 500 एकड़ भूमि चयनित करने की प्रक्रिया चल रही है।
निवेशक सम्मेलन (इंवेस्टर्स समिट) और सिंगल विंडो के जरिये उत्तराखंड को करोड़ों के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। कई नामी कंपनियां उत्तराखंड में नए उद्योग लगाने में रुचि दिखा रहे हैं, लेकिन इसके लिए औद्योगिक क्षेत्रों में पर्याप्त जमीन नहीं है। अब सरकार नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित कर निवेशकों को जमीन उपलब्ध कराएगी, जिससे प्रदेश में निवेश की रफ्तार बढ़ सके।
वर्ष 2018 में हुए इंवेस्टर्स समिट में प्रदेश में 1.24 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले थे। इसमें से अब तक 25 हजार करोड़ से अधिक निवेश को धरातल पर उतारने का काम शुरू हो चुका है। वहीं, दिसंबर 2020 तक सिंगल विंडो के माध्यम से 3771 करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, लेकिन इसमें जमीन की कमी बड़ी बाधा बनी हुई है।
हरिद्वार जिले के लक्सर के पास राजस्व, वन विभाग की जमीन खाली पड़ी है। इस भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र बनाने के लिए सिंचाई विभाग ने आईआईडी रुड़की के माध्यम से भूमि का ड्रोन सर्वे किया। सिंचाई विभाग की ओर से मिलने वाली जिस जमीन की तकनीकी रिपोर्ट में सबकुछ ठीक रहेगा, उसे सिडकुल (राज्य औद्योगिक विकास निगम) की ओर से विकसित किया जाएगा।
चार साल में सिंगल विंडो से मिले निवेश प्रस्ताव
वर्ष प्रस्ताव निवेश (करोड़ में)
2017-18 566 2556
2018-19 1123 9148
2019-20 1602 44046
2020 दिसंबर तक 904 3771
प्रदेश में निवेश करने के इच्छुक उद्यमियों को जमीन उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। लक्सर के समीप 500 एकड़ जमीन पर नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना है। सिंचाई विभाग की ओर से इस भूमि का सर्वे भी कराया गया है। विभाग की तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर इस क्षेत्र को उद्योगों के लिए विकसित किया जाएगा।
-एसए मुरुगेशन, प्रबंधन निदेशक, सिडकुल