एक्सक्लूसिव: प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रदेशभर में लागू होगी पर्यावरण प्रबंधन योजना

दीप जोशी, अमर उजाला, अल्मोड़ा Updated Fri, 20 Nov 2020 11:13 AM IST
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Exclusive: Environmental management plan will be implemented across the state for effective control on pollution
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

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सार

  • जीबी पंत पर्यावरण संस्थान के वैज्ञानिकों को एक साल में योजना का खाका तैयार करने की जिम्मेदारी
  • हर तरह के अवशिष्ट के निस्तारण के लिए विभागों की जिम्मेदारी होगी तय

विस्तार

एनजीटी ने उत्तराखंड में प्रदूषण को बढ़ने से रोकने और पर्यावरण संरक्षण के लिए राज्य सरकार को पर्यावरण प्रबंधन योजना लागू करने के आदेश के बाद प्रदेश सरकार ने जीबी पंत हिमालय पर्यावरण विकास संस्थान कोसी कटारमल को राज्य के लिए पर्यावरण प्रबंधन योजना तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी है। संस्थान के करीब 10 वैज्ञानिकों की टीम इस काम में जुटी है।
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सभी 13 जिलों का अलग-अलग और राज्य का एक समग्र प्लान तैयार किया जाएगा। इसे तैयार करने में एक साल का वक्त लगेगा। उसके बाद पर्यावरण प्रबंधन की यह योजना राज्य में लागू हो जाएगी। इसके लिए हर जिले में नगरों, कस्बों और अन्य स्थानों से निकलने वाला कूड़ा, सीवरेज, बायो मेडिकल वेस्ट, प्लास्टिक, भवन निर्माण का मलबा सहित हर तरह के अवशिष्ट के निस्तारण के लिए कार्य योजना तैयार करके हर जिले में संबंधित विभागों की जिम्मेदारी तय की जाएगी।



बता दें कि अभी तक उत्तराखंड राज्य में प्रदूषण नियंत्रण के लिए कोई ठोस नीति नहीं बनी है। वर्तमान में कूड़े, सीवरेज, बायो मेडिकल आदि को छोड़कर कई अन्य तरह के अवशिष्ट निस्तारण की जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से तय नहीं है और विभाग एक दूसरे पर जिम्मेदारी डालने का प्रयास करते हैं। इसे देखते हुए एनजीटी ने प्रदेश सरकार को इस संबंध में आदेश जारी किए।

जीबी पंत पर्यावरण संस्थान के निदेशक डॉ.आरएस रावल ने बताया कि सभी 13 जिलों और प्रदेश की पर्यावरण प्रबंधन योजना को तैयार करने में करीब एक साल का वक्त लगेगा।  इसके लिए जीबी पंत संस्थान के निदेशक डॉ.आरएस रावल समन्वयक के तौर पर और संस्थान के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. जेसी कुनियाल मुख्य अन्वेषक बनाए गए हैं। शासन के निर्देश के मुताबिक हर जिले के जिलाधिकारी समिति के अध्यक्ष और डीएफओ पदेन सचिव बनाए गए हैं। इसके अलावा इस योजना से जुड़े विभागों के विभागाध्यक्ष सदस्य होंगे।
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14 बिंदुओं को आधार पर बनेगा पर्यावरण प्रबंधन का प्लान

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