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Almora News: अल्मोड़ा-मासी रोडवेज बस फिर खराब, 50 मीटर चलते ही थमे पहिये
Sat, 10 Oct 2026 12:42 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
Updated Sat, 10 Oct 2026 12:42 AM IST
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अल्मोड़ा। अल्मोड़ा-मासी मार्ग पर रोडवेज की बस यात्रियों के लिए मुसीबत बन गई है। पुराने रोडवेज स्टेशन से रवाना होने के महज 50 मीटर बाद ही मासी जा रही बस सीढ़ी बाजार के सामने अचानक खराब हो गई। इस कारण यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी और उन्हें महंगे किराये पर निजी टैक्सियां कर गंतव्य की ओर रवाना होना पड़ा।
परिवहन विभाग की खटारा बसों के कारण अल्मोड़ा से चौखुटिया-मासी मार्ग पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए रोडवेज की यात्रा जी का जंजाल बन चुकी है। शुक्रवार को इसका एक और उदाहरण तब देखने को मिला जब रोडवेज की अल्मोड़ा-मासी बस संख्या यूके-07पीए-2477 लोअर माल रोड स्थित वर्कशॉप से माल रोड स्थित पुराने रोडवेज स्टेशन पर पहुंची। यहां से बस में यात्री सवार हुए और ठीक डेढ़ बजे बस गंतव्य के लिए रवाना हुई। महज 50 मीटर दूर जाते ही सीढ़ी बाजार के सामने बस में अचानक गंभीर तकनीकी खराबी आ गई। चालक ने बस को दोबारा स्टार्ट करने का काफी प्रयास किया लेकिन इंजन ने पूरी तरह दम तोड़ दिया।
व्यस्त मार्ग पर अचानक बस खराब होने से यात्री परेशान रहे। इससे वहां कुछ देर जाम भी लग गया। बस के पूरी तरह बंद होने के बाद उसमें सवार यात्रियों को बीच सड़क पर ही अपना सामान लेकर उतरना पड़ा। कोई अन्य वैकल्पिक व्यवस्था न होने के कारण कई यात्रियों को मजबूरन निजी टैक्सियों का सहारा लेना पड़ा। त्योहारों के सीजन में टैक्सियों में अत्यधिक किराया वसूले जाने के कारण यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा। वहीं कई ग्रामीण क्षेत्रों के यात्री बस न मिलने के कारण बैरंग वापस घर लौट गए। यात्रियों का कहना है कि पहले भी यही बस बसभीड़ा के पास बीच रास्ते में खराब हो चुकी है।
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रोडवेज की बसें बढ़ा रही है यात्रियों का दर्द
रोडवेज की बसें यात्रियों का दर्द बढ़ा रही हैं। अल्मोड़ा रोडवेज डिपो से देहरादून, चंडीगढ़, लखनऊ, गुरुग्राम और दिल्ली समेत कई प्रमुख और लंबे रूटों पर बसों का संचालन किया जाता है लेकिन इन बसों के कलपुर्जे कब और कहां जवाब दे दें इसका कोई भरोसा नहीं है। बार-बार होने वाली इन तकनीकी खराबियों के कारण यात्रियों को न सिर्फ मानसिक और शारीरिक परेशानी झेलनी पड़ रही है बल्कि उनका कीमती समय भी बर्बाद हो रहा है। हैरानी की बात यह है कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं से जुड़े इस गंभीर मामले पर लगातार फजीहत झेलने के बावजूद परिवहन विभाग कोई सबक नहीं ले रहा है।
पिछले कुछ समय में हुईं घटनाएं एक नजर में
28 जुलाई 2025 : हरिद्वार से अल्मोड़ा आ रही बस चौघानपाटा के बीच सड़क पर खराब हो गई।
30 अगस्त 2025 : अल्मोड़ा-मासी रूट की बस करबला के पास खराब हुई।
20 सितंबर 2025 : कार्यशाला से निकली मासी बस ने करबला के पास पानी छोड़ना शुरू कर दिया।
सितंबर 2025 : बरेली से बागेश्वर जा रही बागेश्वर डिपो की बस चौघानपाटा के बीच रास्ते में ही खड़ी हो गई थी।
एक अक्तूबर : वर्कशॉप से स्टेशन आ रही अल्मोड़ा-चंडीगढ़ बस का माल रोड पर पीएनबी के पास प्रेशर पाइप फट गया था।
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परिवहन विभाग की खटारा बसों के कारण अल्मोड़ा से चौखुटिया-मासी मार्ग पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए रोडवेज की यात्रा जी का जंजाल बन चुकी है। शुक्रवार को इसका एक और उदाहरण तब देखने को मिला जब रोडवेज की अल्मोड़ा-मासी बस संख्या यूके-07पीए-2477 लोअर माल रोड स्थित वर्कशॉप से माल रोड स्थित पुराने रोडवेज स्टेशन पर पहुंची। यहां से बस में यात्री सवार हुए और ठीक डेढ़ बजे बस गंतव्य के लिए रवाना हुई। महज 50 मीटर दूर जाते ही सीढ़ी बाजार के सामने बस में अचानक गंभीर तकनीकी खराबी आ गई। चालक ने बस को दोबारा स्टार्ट करने का काफी प्रयास किया लेकिन इंजन ने पूरी तरह दम तोड़ दिया।
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व्यस्त मार्ग पर अचानक बस खराब होने से यात्री परेशान रहे। इससे वहां कुछ देर जाम भी लग गया। बस के पूरी तरह बंद होने के बाद उसमें सवार यात्रियों को बीच सड़क पर ही अपना सामान लेकर उतरना पड़ा। कोई अन्य वैकल्पिक व्यवस्था न होने के कारण कई यात्रियों को मजबूरन निजी टैक्सियों का सहारा लेना पड़ा। त्योहारों के सीजन में टैक्सियों में अत्यधिक किराया वसूले जाने के कारण यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा। वहीं कई ग्रामीण क्षेत्रों के यात्री बस न मिलने के कारण बैरंग वापस घर लौट गए। यात्रियों का कहना है कि पहले भी यही बस बसभीड़ा के पास बीच रास्ते में खराब हो चुकी है।
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रोडवेज की बसें बढ़ा रही है यात्रियों का दर्द
रोडवेज की बसें यात्रियों का दर्द बढ़ा रही हैं। अल्मोड़ा रोडवेज डिपो से देहरादून, चंडीगढ़, लखनऊ, गुरुग्राम और दिल्ली समेत कई प्रमुख और लंबे रूटों पर बसों का संचालन किया जाता है लेकिन इन बसों के कलपुर्जे कब और कहां जवाब दे दें इसका कोई भरोसा नहीं है। बार-बार होने वाली इन तकनीकी खराबियों के कारण यात्रियों को न सिर्फ मानसिक और शारीरिक परेशानी झेलनी पड़ रही है बल्कि उनका कीमती समय भी बर्बाद हो रहा है। हैरानी की बात यह है कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं से जुड़े इस गंभीर मामले पर लगातार फजीहत झेलने के बावजूद परिवहन विभाग कोई सबक नहीं ले रहा है।
पिछले कुछ समय में हुईं घटनाएं एक नजर में
28 जुलाई 2025 : हरिद्वार से अल्मोड़ा आ रही बस चौघानपाटा के बीच सड़क पर खराब हो गई।
30 अगस्त 2025 : अल्मोड़ा-मासी रूट की बस करबला के पास खराब हुई।
20 सितंबर 2025 : कार्यशाला से निकली मासी बस ने करबला के पास पानी छोड़ना शुरू कर दिया।
सितंबर 2025 : बरेली से बागेश्वर जा रही बागेश्वर डिपो की बस चौघानपाटा के बीच रास्ते में ही खड़ी हो गई थी।
एक अक्तूबर : वर्कशॉप से स्टेशन आ रही अल्मोड़ा-चंडीगढ़ बस का माल रोड पर पीएनबी के पास प्रेशर पाइप फट गया था।