पूर्व मुख्यमंत्रियों को एक और नोटिस, भरना होगा किराया
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हाईकोर्ट के निर्देशानुसार पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवास खाली करने का नोटिस भेजने के बाद राज्य संपत्ति विभाग ने उनसे किराया वसूलने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए विभाग की ओर से पांचों पूर्व मुख्यमंत्रियों को अलग से नोटिस भेजा जाएगा। किससे कितना किराया वसूला जाएगा इसका विवरण तैयार किया जा रहा है। विवरण तैयार होते ही पांचों पूर्व मुख्यमंत्रियों को नोटिस भेजा जाएगा।
गौरतलब है कि प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवास और अन्य सुविधाएं दिए जाने के खिलाफ रूलक संस्था के अवधेश कौशल ने 2010 में नैनीताल हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट का निर्णय आने से पहले ही यूपी में पूर्व मुख्यमंत्रियों को दी जा रही आवास की सुविधा को लेकर सुप्रीम कोर्ट का आदेश आ गया है।
चूंकि उत्तराखंड में भी पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवास की सुविधा उत्तर प्रदेश की नियमावली के आधार पर दी गई थी। लिहाजा, इस आदेश को यहां के लिए लागू माना गया। इस लिहाज ने राज्य संपत्ति विभाग ने 17 अक्तूबर को इस संबंध में पांचों मुख्यमंत्रियों को नोटिस जारी कर 16 दिसंबर तक आवास खाली करने को कहा है।
विभाग ने शुरू किया किराया तय करने का काम
इसके बाद अब विभाग ने नियमावली के मुताबिक इन पांचों पूर्व मुख्यमंत्रियों से किराया वसूलने का नोटिस भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए विभाग की ओर से पूर्व मुख्यमंत्रियों को आवंटित आवास के क्षेत्रफल और आवंटन के समय के हिसाब से किराया तय करने का काम शुरू कर दिया है।
बिजली-पानी का बिल भी वसूला जाए: कौशल
पूर्व मुख्यमंत्रियों को दी जा रही आवास की सुविधा के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करने वाले रूलक संस्था के अवधेश कौशल का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्रियों से किराये की वसूली मार्केट रेट के आधार पर हो। साथ ही उनसे आवंटन अवधि के दौरान का बिजली-पानी का बिल भी वसूला जाना चाहिए। कौशल का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी कह रहे हैं कि उनके पास किराया देने के लिए पैसा नहीं है। अगर उनके पास पैसा नहीं है तो वह बैंक से लोन ले लें। गारंटर वह बन जाएंगे।