हरीश रावत ने प्रकाश पंत को बताया निष्ठुर, ट्वीट कर और भी बहुत कुछ कहा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सियासी नेता एक-दूसरे पर निशाना साधने का बहाना ढूंढ ही लेते हैं। इस बार ये निशानेबाजी के लिए खांटी सियासतदां हरीश रावत और कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत ने एक-दूसरे को चुना।
जरिया बना सोशल मीडिया और वजह बनी पिछले वित्तीय वर्ष में प्रदेश सरकार की राजस्व बढ़ोत्तरी, जिसके एवज में सरकार जीएसटी में फायदा होगा। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने ट्वीट के जरिये बढ़ोत्तरी का श्रेय अपनी सरकार के प्रयासों को देते हुए वित्त मंत्री पंत को निष्ठुर करार दिया। तंज किया इन प्रयासों के लिए धन्यवाद देना तो सीखो। पंत ने ट्वीट का जवाब ट्वीट से दिया।
उन्होंने राजस्व में हुई बढ़ोत्तरी का श्रेय व्यापारियों और उद्योगपतियों को दिया। उन्होंने कहा कि फिर भी हरीश रावत का आभार। दो दिग्गजों के बीच छिड़े इस ट्वीट वार में भाजपा नेता भी शामिल हो गए।
अपने ट्वीट के बारे में पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा,‘हां मैंने प्रकाश पंत को निष्ठुर कहा। प्रदेश सरकार को जीएसटी में रिइम्बर्स होने वाले राजस्व में करीब 19 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है।
प्रकाश पंत ने भी दो ट्वीट दागे
यह वृद्धि उनकी कार्यकाल में किये गए उपायों से मुमकिन हुई है। हमने जीएसटी को ध्यान में रखकर 22 से 24 फीसदी की इनकम का लक्ष्य बनाया था। मगर बीच में अनिश्चतता के चलते इस लक्ष्य को हासिल नहीं कर सके। लेकिन हमने कुछ सुधारात्मक उपाय किए।
उन सुराखों को बंद किया जहां से टैक्स की चोरी होती थी। छिद्रों को रोका और नाके लगाए। तब जाकर राजस्व बढ़ा। इन प्रयासों के लिए वित्त मंत्री और भाजपा कम से कम कृतज्ञता तो प्रकट कर सकती थी।
हरीश रावत के ट्वीट की सियासत में गरमाया तो प्रकाश पंत भी चुप नहीं बैठे। उन्होंने उसी अंदाज में पलटवार किया और ताबड़तोड़ दो ट्वीट दागे। पहले ट्वीट में उन्होंने कहा कि राजस्व बढ़ोेत्तरी का श्रेय प्रदेश के व्यापारियों और उद्योगपतियों का जाता है।
दूसरे ट्वीट में उन्होंने सवाल दागा कि उत्तराखंड को वित्तीय संकट धकेलने का दोषी कौन? नान टैक्स रेवन्यू 1600 करोड़ से घटकर 1200 करोड़ रह गया है। साथ ही तंज किया फिर भी आभार। दो दिग्गजों के ट्वीट वार में भाजपा नेता अजेन्द्र अजय कहा ट्वीट किया, छल कपट व भ्रम फैलाने के बजाय निष्ठुर होना बेहतर है।