फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   eunuch karwa chauth fast.

एक युवक जो पति के लिए रखता है करवाचौथ व्रत

Sun, 12 Oct 2014 04:20 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, हल्द्वानी
ब्यूरो / अमर उजाला, हल्द्वानी Updated Sun, 12 Oct 2014 04:20 PM IST
विज्ञापन
eunuch karwa chauth fast.

‘मैंने भी अपने पति के लिए आज करवाचौथ का व्रत रखा है’ किसी युवक के मुंह से यह वाक्य सुन कोई भी चौंक जाएगा। ऐसा ही दावा शनिवार को हल्द्वानी रेलवे स्टेशन के बाहर आयोजित एड्स के प्रति जागरूकता शिविर में किया गया।

विज्ञापन


रुड़की के मोहल्ला सुभाषनगर निवासी संजय कश्यप ने दावा किया कि देहरादून निवासी अमित नाम के युवक से शादी की है तथा उसे अपना पति मानता है।

अमित की लंबी आयु के लिए करवाचौथ का व्रत रखा है। उसका पति करवाचौथ मनाने रुड़की आया है, जिसके साथ इस पर्व को मनाएगा।

बीएससी उत्तीर्ण संजय (वर्तमान में शालू किन्नर के नाम से प्रसिद्ध) ने बताया कि उसे स्कूल में पढ़ने के दौरान से ही लड़कों के बजाय लड़कियों के साथ उठना बैठना और बात करना बहुत अच्छा लगता था।

विज्ञापन

रिश्ते से घर वालों को भी कोई ऐतराज नहीं

eunuch karwa chauth fast.

उसकी इस आदत के कारण उसे क्लास के लड़के चिढ़ाते भी थे। जब वह घर आकर मां को इस बारे में बताता तो मां भी यह कह कर चुप कर देती थी कि लड़कियों के संग क्यों बैठता है लड़कों के साथ खेला कर।

संजय का कहना था कि छह साल पहले वह शिमला घूमने गया था जहां ट्रेन में उसकी अमित नाम के युवक से दोस्ती हो गई।

अमित से उसने प्रेम होने का दावा करते हुए विवाह भी कर लिया। उसने बताया कि अमित शिमला में ही सरकारी मुलाजिम है तथा समय-समय पर उससे मिलने आता रहता है।

संजय का कहना था कि इस रिश्ते से उसके घर वालों को भी कोई ऐतराज नहीं है। कार्यक्रम खत्म होने के बाद वह कथित पति से मिलने के लिए टैक्सी से रुड़की रवाना हो गया।

सुरक्षित सेक्स के प्रति जागरूक करता है संजय

eunuch karwa chauth fast.

एमएसएम नाम आपके लिए अंजान हो सकता है, लेकिन एमएसएम के नाम से दर्जनों युवा एनजीओ में एड्स के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए काम करते हैं।

शिविर में ऐसे ही कई चेहरे विभिन्न शहरों से पहुंचे थे, जो थे युवक मगर उन्हें युवतियों की तरह नाचने और उनकी तरह काम करके दिखाने में आनंद आता है।

संजय कश्यप ने बताया कि एमएसएम का मतलब मैनहेबी सैक्स मैन है, जो आपस में एक दूसरे को बहन कह कर पुकारते हैं तथा सभी में लड़कियों की तरह काम करने की आदतें हैं। इनमें कई तो शादीशुदा भी है तथा बच्चे भी हैं, मगर एनजीओ से जुड़कर एमएसएम का काम कर रहे हैं।

इनमें खटीमा निवासी गुंजन भी पहुंचा था। ये सभी लोगों को सुरक्षित सेक्स संबंध बनाने के प्रति जागरूक करने का काम कर रहे हैं इसके एवज में उन्हें संस्था से बाकायदा वेतन भी मिलता है।

प्रोजेक्ट ऑफिसर पंकज बघेल बताते हैं कि संस्था इन लाभार्थियों के माध्यम से उन इलाकों में काम करती हैं, जहां असुरक्षित यौन संबंधों से एड्स फैलने का ज्यादा खतरा रहता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed