EPFO की टीम ने कंपनी में मारा छापा, PF को लेकर मिला ऐसा रिकॉर्ड कि सकते में आए अधिकारी
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ईपीएफओ की टीम ने कंपनी में छापेमारी की। इस दौरान टीम को वहां कर्मचारियों के पीएफ को लेकर ऐसा रिकॉर्ड मिला जिसे देखकर अधिकारी सकते में आ गए।
कर्मचारियों का पीएफ नहीं देने पर चेन्नई के ग्रुप मैसर्स सदानम पर्सनल प्रोडक्ट लिमिटेड का परिसर ईपीएफओ ने सील कर दिया है। यहां सेलाकुई स्थित कंपनी ने करीब 40 कर्मचारियों का 24,40,255 लाख रुपये का पीएफ अंशदान जमा नहीं किया है।
बुधवार को पीएफ कमिश्नर के निर्देश पर छापा मारकर मौके पर मौजूद मशीनरी, मोटरसाइकिल, डीजी सेट, कंप्यूटर और फर्नीचर जब्त करने के साथ ही कंपनी सील कर दी गई। यहां जूते, साबुन-सर्फ, तेल आदि बनाए जाते हैं।
पीएफ अधिनियम की धारा 7ए के तहत कार्रवाई शुरू
पीएफ कमिश्नर मनोज कुमार यादव ने बताया कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन, क्षेत्रीय कार्यालय को कंपनी के कर्मचारियों की ओर से लगातार शिकायतें मिल रही थी। इसकी जांच के लिए प्रवर्तन अधिकारी नियुक्त किया गया।
पीएफ अधिनियम की धारा 7ए के तहत कार्रवाई शुरू हुई। कंपनी को अपना पक्ष देने के लिए 23 अक्तूबर-2017 और तीन नवंबर-2017 को नोटिस भेजा गया, लेकिन कंपनी ने कोई जवाब नहीं दिया। इसके बाद पीएफ की धारा 7ए के तहत कंपनी के 24,40,255 लाख रुपये देयों का निर्धारण किया गया।
कंपनी के भुगतान नहीं करने पर ईपीएफओ की ओर से मुकदमा भी दर्ज कराया गया। इसके बावजूद कंपनी ने कर्मचारियों का पीएफ अंशदान नहीं दिया। बुधवार को ईपीएफओ की ओर से वसूली के लिए टीम गठित की गई।
उत्तराखंड में इस तरह की पहली कार्रवाई
टीम ने क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त आशीष कुमार के नेतृत्व में कंपनी में छापा मारा। मौके पर मौजूद चल संपत्ति को जब्त कर कर कंपनी के परिसर को सील कर दिया गया। कंपनी को तत्काल देय राशि जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं। अगर पैसा नहीं दिया तो कंपनी की संपत्ति की नीलामी कर कर्मचारियों को पीएफ अंशदान दिया जाएगा।
उत्तराखंड में किसी कंपनी के खिलाफ यह इस तरह की पहली कार्रवाई है। टीम में सहायक भविष्य निधि आयुक्त केआर जोशी, प्रवर्तन अधिकारी खुशी प्रकाश, सुरेंद्र सिंह शामिल रहे। उधर, कंपनी का पक्ष जानने के लिए एचआर मैनेजर संजय शर्मा को फोन किया गया। उन्होंने कहा कि वह कुछ नहीं बता सकते और इसके बाद उन्होंने फोन काट दिया। जब भी कंपनी का पक्ष आएगा तो उसे भी प्रकाशित किया जाएगा।
कर्मचारियों का पीएफ अंशदान का हक मारने वालों को अब कतई बख्शा नहीं जाएगा। जो कंपनी, कर्मचारियों को पीएफ अंशदान नहीं देगी, उसके खिलाफ अब ऐसी ही कार्रवाई की जाएगी।
-मनोज कुमार यादव, क्षेत्रीय भविष्य निधि आयुक्त-1, देहरादून