फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Environmentalist Dr. Anil Joshi demand for save himalaya

हिमालय के लिए ग्रीन बोनस के साथ जीईपी को भी तवज्जो दे सरकार: पर्यावरणविद डॉ. अनिल जोशी 

Sun, 28 Jul 2019 12:55 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sun, 28 Jul 2019 12:55 PM IST
विज्ञापन
Environmentalist Dr. Anil Joshi demand for save himalaya
डॉ अनिल जोशी - फोटो : फाइल फोटो

उत्तराखंड की ग्रीन बोनस की मांग के बीच सरकार से सकल पर्यावरण उत्पाद (जीईपी) को तवज्जो देने की मांग की गई है। पर्यावरणविद और हैस्को के संस्थापक निदेशक डॉ. अनिल जोशी का कहना है कि हिमालयी संसाधनों को लेकर दो बातें साफ होनी चाहिए। पिछले सौ सालों में ग्लेशियर, नदी, वन के हालात पर कभी गंभीर समीक्षा नहीं की गई। प्रदेश को यह जानना चाहिए कि उसके संसाधनों की वर्तमान हालत क्या है।

विज्ञापन


सकल पर्यावरणीय उत्पाद एक ऐसी पहल है, जो संसाधनों की वृद्धि पर केंद्रित है। इसमें आर्थिकी की तर्ज पर पारिस्थितिकी संसाधनों का ब्यौरा जुड़ा है। यह भी जानना जरूरी है कि ग्लेश्यिर, नदी, वन आदि प्रदेश के आर्थिक विकास के हिसाब से उसी वर्ष में कितने बेहतर हुए। जीईपी से देश का हित भी जुड़ा हुआ है। जंगल, पानी, हवा, मिट्टी को पैदा करने वाले पर्यावरण को भी उद्योग का दर्जा मिलना चाहिए।
विज्ञापन


जीईपी से पारिस्थितिकी में स्थिरता आएगी और हिमालय की आर्थिकी में नए आयाम जुडेंगे।  जीईपी की यह मांग केदारनाथ आपदा के तुरंत बाद उठी थी। उस समय तत्कालीन प्रदेश सरकार ने जीईपी का आकलन करने के लिए उच्च स्तरीय कमेटी का गठन भी किया था। इस कमेटी में वन एवं पर्यावरण से जुड़े प्रतिष्ठित संस्थानों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया था। इस कमेटी की दो बैठकें भी हुईं, लेकिन इसके बाद यह मसला ठंडे बस्ते में चला गया।  

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed