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मंगलवार को देहरादून रेलवे स्टेशन 'बंद'
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 10 Dec 2014 05:58 AM IST
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इलाहाबाद जाने वाली लिंक एक्सप्रेस मंगलवार को दून स्टेशन पर पटरी से उतर गई। उस दौरान शंटिंग की जा रही थी, इससे बड़ा हादसा टल गया। बाद में ट्रेन को पटरी पर लाने में करीब छह घंटे का वक्त लगा। इस दौरान दून-हरिद्वार ट्रैक पर ट्रेनों का संचालन ठप रहा। मुरादाबाद रेल मंडल ने मामले की जांच का आदेश दे दिया है।
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दून स्टेशन पर लिंक एक्सप्रेस को सुबह 11:25 बजे यार्ड से शंटिंग कर दो नंबर प्लेटफार्म पर लाया जा रहा था। यहां से ट्रेन को दोपहर 01:20 पर इलाहाबाद के लिए रवाना होना था। शंटिंग के दौरान प्लेटफार्म से कुछ दूरी पर मेन ट्रैक पर इंजन डिरेल हो गया। इंजन के पीछे वाला कोच भी पटरी से उतर गया। जोर की आवाज के साथ ट्रेन कुछ दूर तक घसीटती गई।
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ट्रेन के पहियों के रगड़ने की आवाज से प्लेटफार्म पर मौजूद यात्री दहशत में आ गए। सूचना पर स्टेशन अधीक्षक एसडी डोभाल, प्रभारी स्टेशन अधीक्षक करतार सिंह, उप स्टेशन अधीक्षक ओपी सिंह, आरपीएफ इंस्पेक्टर डीके राणा और जीआरपी थानाध्यक्ष समेत लोको स्टाफ, शंटिंग स्टाफ आदि सेक्शन के कर्मचारी मौके पर पहुंचे।
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रोक दी गई सभी ट्रेनें
कंट्रोल ने हरिद्वार से आने वाली सभी ट्रेनों को बीच में ही रोकने का मैसेज फ्लैश कर दिया। शुरुआती जांच में पता चला कि सिग्नल एंड टेली कम्यूनिकेशंस (एसएनटी) विभाग ने बिना सूचना के ही ट्रैक पर मरम्मत का काम शुरू कर दिया था। इससे ट्रैक पर दो-तीन जगह लॉक खुले हुए थे। लोको विभाग को जानकारी न होने से लोको पायलट ट्रेन को ट्रैक पर ले गया।
ट्रैक और पहियों के बीच प्रेशर अचानक घटने की वजह से ट्रेन पटरी से उतर गई। उधर, एसएनटी विभाग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि लॉग बुक में मरम्मत की सूचना दर्ज की गई थी।
हरिद्वार से मंगाई क्रेन
ट्रेन को ट्रैक से हटाने के लिए हरिद्वार से क्रेन (हाइड्रोलिक रिरेलिंग इक्विपमेंट) मंगाई गई। दुर्घटनाग्रस्त इंजन और कोच को अलग कर रिजर्व लाइन पर लगाया गया। इसके बाद ट्रेन को रवाना करने से पूर्व तकनीकी विशेषज्ञों ने हर कोच का निरीक्षण किया। ट्रेन तय समय से साढ़े चार घंटे लेट शाम 05:50 पर रवाना हुई।
यात्रियों को मुश्किल
ट्रेन स्टेशन के मेन ट्रैक पर उतरी थी। इससे बाकी ट्रेनों का आवागमन ठप हो गया। शुरुआत में पहले रेलवे ने तीन बजे आवागमन सुचारु करने का दावा किया, लेकिन ट्रैक शाम 05:30 पर खुल सका। इस दौरान यात्री दिनभर भटकते रहे।
दिल्ली से आने वाली शताब्दी एक्सप्रेस को हरिद्वार में रोक लिया गया। पहले ही तय समय से लगभग सवा घंटे लेट अमृतसर-देहरादून (लाहौरी एक्सप्रेस) को डोईवाला में खड़ा किया गया। मुजफ्फरपुर से आने वाली गोरखपुर एक्सप्रेस साढ़े छह घंटे और इलाहाबाद से आने वाली लिंक एक्सप्रेस साढ़े पांच घंटे बाद पहुंची।
देहरादून से शताब्दी एक्सप्रेस को डेढ़ घंटे लेट शाम 06:00 बजे रवाना किया गया। जनता एक्सप्रेस करीब आधे घंटे की देरी से शाम सात बजे रवाना हो पाई।