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भारत-नेपाल सीमा पर हो रहा है कुछ ऐसा, जिससे देश को है खतरा

Wed, 24 May 2017 12:20 PM IST
विनोद काला/ अमर उजाला, बनबसा (चंपावत)
विनोद काला/ अमर उजाला, बनबसा (चंपावत) Updated Wed, 24 May 2017 12:20 PM IST
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encroachment in india nepal border town banbasa
नेपाल सीमा पर गश्त करते एसएसबी के जवान - फोटो : amarujala file photo

संवेदनशील नेपाल सीमा पर स्थित बनबसा अतिक्रमण का गढ़ बन चुका है। यहां आए लोगों ने सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण कर पक्के आशियाने तक बना लिए हैं। वहीं सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर खेती तक की जा रही है। राज्य गठन के बाद से अतिक्रमणकारियों का ग्राफ काफी बढ़ा है।

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आठ ग्रामसभाओं और नवगठित नगर पंचायत वाला बनबसा अतिक्रमणकारियों के लिए स्वर्ग बन गया है। बता दें कि परिसंपत्तियों के बटवारे के अभाव में राज्य की 2209.94 हेक्टेयर भूमि आज भी यूपी सिंचाई विभाग के अधीन है। पटवारी विरेंद्र कुमार के मुताबिक क्षेत्र में 813.101 हेक्टेयर भूमि पर खेती की जाती है, जिस पर लगान वसूला जाता है। अतिक्रमण कर 24.636 हेक्टेयर वन भूमि में बिना लगान खेती हो रही है।
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रोजगार विहीन इस क्षेत्र में बाहरी लोगों द्वारा सरकारी जमीन घेरकर अतिक्रमण किया जाना संदेह के घेरे में है। अधिकांश अतिक्रमणकारी मूल रूप से यूपी के रहने वाले हैं। अनुशासित पूर्व फौजी अतिक्रमण को भविष्य के लिए खतरा मानते हैं। पूर्व सैनिक कल्याण समिति के अध्यक्ष कै. भानी चंद के मुताबिक आने वाले समय में अतिक्रमणकारी बनबसा के लिए खतरा बनेंगे। यूपी से आए कई अतिक्रमणकारियों को क्षेत्रवासी संदेह की नजर से देखते हैं।

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अतिक्रमणकारियों की अपराध में लिप्तता से डर

encroachment in india nepal border town banbasa
Demo Pic - फोटो : google

समिति उपाध्यक्ष पुष्कर कापड़ी रोजगार विहीन इस क्षेत्र में बाहर से आए अतिक्रमणकारियों की अपराध में लिप्तता के तहत प्रशासन से गंभीरता पूर्वक सत्यापन कराए जाने की मांग करते हैं। पूर्व सैनिक उत्तम चंद का मानना है कि प्रशासन अतिक्रमण से बेखबर रहा तो भविष्य में विकास कार्यों के लिए भूमि मिलना मुश्किल होगा। क्षेत्र के पूर्व सैनिक और संभ्रांत नागरिक अतिक्रमण कराए जाने में जनप्रतिनिधियों की भूमिका को भी संदेह के घेरे में बताते हैं।     

लाइनपार कैनाल भूमि के अतिक्रमण हटाने का मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है। न्यायालय के आदेशों का पालन कराया जाएगा।  
- आरएस रौतेला- पुलिस उपाधीक्षक टनकपुर

यूपी सिंचाई विभाग के अधिकार वाली भूमि पर बंगाली कॉलोनी, लाइनपार बस्ती और अन्य जगहों पर कुल 57 एकड़ भूमि पर अवैध कब्जे हैं, जिसे खाली कराने को उत्तराखंड प्रशासन को मुहिम छेड़नी होगी। 
- बीएस यादव- एसडीओ शारदा हेडवर्क्स,यूपी सिंचाई विभाग  

भजनपुर, चंदनी, फागपुर, भैंसाझाला, गढ़ीगोठ, चूनाभट्टा, बमनपुरी, मीनाबाजार क्षेत्र में 106 हेक्टेयर वन भूमि पर 445 परिवारों द्वारा किए गए अतिक्रमण पर उन्हें पूर्व में ही नोटिए दिए गए हैं, जिसपर कार्रवाई चल रही है।  
- आरएस मनराल- रेंजर पूर्वी तराई वन प्रभाग, खटीमा

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