मांगें मनवाने सड़क पर उतरा महासंघ, सरकार पर बरसे
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राज्य कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद पुनर्नियुक्ति की व्यवस्था समाप्त करने सहित 38 सूत्री मांगों पर अमल नहीं होने से नाराज पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक महासंघ सोमवार को दून की सड़कों पर उतरा। महासंघ ने परेड ग्राउंड से सचिवालय कूच किया और शीघ्र मांगें नहीं माने जाने पर 23 फरवरी से प्रदेश भर में तीन दिवसीय कार्य बहिष्कार का एलान किया है।
पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक महासंघ और उससे जुड़े नौ परिसंघों के दून पहुंचे कर्मचारियों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी परेड ग्राउंड से कनक चौक, तिब्बती मार्केट, लैंसडाउन चौक होते हुए सुभाष रोड पहुंचे। यहां पुलिस ने बेरिकेडिंग लगाकर उन्हें सचिवालय से पहले ही रोक लिया। बेरिकेडिंग पर हुई सभा में कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार पर कर्मचारी हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया।
सिंचाई विभाग कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश रमोला ने कहा कि मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव मांगों पर कई बार आश्वासन दे चुके हैं, लेकिन कर्मचारियों की एक भी मांग पर अमल नहीं किया गया। यदि शीघ्र मांगें नहीं मानी गईं तो 25 फरवरी को बैठक कर महासंघ से जुड़े सभी परिसंघ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
कहा, झूठे आश्वासन नहीं करेंगे बर्दाश्त
महासंघ के प्रदेश महामंत्री सुनील दत्त कोठारी ने कहा कि सरकार के झूठे आश्वासनों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों में महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष मनोहर कुमार मिश्रा, प्रांतीय संरक्षक प्रताप सिंह पंवार, कार्यकारी महामंत्री पूर्णानंद नौटियाल, डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ के प्रदेश महामंत्री हरीश नौटियाल, केएल बलूनी, राजपाल सिंह, आनंद सिंह रावत, बीएस कलूड़ा, बीएस पयाल, सोहन सिंह नेगी, यतीश पंत, बनवारी सिंह रावत आदि शामिल रहे।
अपर मुख्य सचिव से मिला आश्वासन
सुभाष रोड पर धरने पर बैठे कर्मचारियों को शासन की ओर से वार्ता के लिए बुलाया गया। महासंघ कर्मचारियों ने कहा कि अपर मुख्य सचिव एस राजू ने विभागों से संबंधित मांगों के निराकरण का आश्वासन दिया है। अपर मुख्य सचिव के आश्वासन के बाद धरना समाप्त कर दिया गया।