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Dehradun News: गोल्डन कार्ड की विसंगतियों पर कर्मचारी नाराज, आंदोलन की चेतावनी

Fri, 06 Feb 2026 07:40 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Fri, 06 Feb 2026 07:40 PM IST
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Employees are angry over discrepancies in the Golden Card scheme and have threatened to protest.
-उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति के प्रांतीय संयोजक मंडल की बैठक
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अमर उजाला ब्यूरो

देहरादून। उत्तराखंड अधिकारी कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति ने गोल्डन कार्ड की विसंगतियों समेत तमाम मांगें पूरी न होने पर नाराजगी जताई है। समिति ने जल्द ही प्रदेश स्तरीय आंदोलन की चेतावनी दी है।

संयोजक मंडल की बैठक यमुना कॉलोनी स्थित सद्भावना भवन में हुई। बैठक में गोल्डन कार्ड से जुड़ी विसंगतियों का निराकरण न किए जाने पर वक्ताओं ने आक्रोश व्यक्त किया। समिति ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह के भीतर शासन ने वार्ता कर मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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समन्वय समिति के संयोजक आरसी शर्मा ने अध्यक्षता करते हुए कहा कि गोल्डन कार्ड लागू होने के बाद कर्मचारियों से अंशदान तो काटा जा रहा है लेकिन विभाग की ओर से पूर्व में मिलने वाला बजट बंद होने से चिकित्सा प्रतिपूर्ति के बिल महीनों से लंबित हैं। सचिव संयोजक पूर्णानंद नौटियाल और शक्ति प्रसाद भट्ट ने बताया कि 10 दिन पूर्व शासन को 10 सूत्रीय मांग पत्र दिया गया था, जिस पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। संयोजक मुकेश बहुगुणा ने कहा कि शासनादेश में स्पष्ट व्यवस्था है कि कार्मिकों को पैथोलॉजी जांच व दवाएं निशुल्क प्रदान की जाएगी परंतु आज तक ओपीडी में कर्मचारियों को यह सुविधा नहीं दी गई। चेतावनी दी गई कि एक सप्ताह के भीतर शासन ने उनकी मांगें न मानी तो वे प्रदेशव्यापी आंदोलन को बाध्य होंगे। बैठक में अशोक राज उनियाल, रविंद्र चौहान, वीरेंद्र गुसाईं और राकेश रावत समेत कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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ये हैं समिति की प्रमुख मांगें

-योजना के लिए प्रतिवर्ष 200 करोड़ के बजट की व्यवस्था हो ताकि समय पर भुगतान हो सके।

-योजना को आयुष्मान कार्ड से पृथक कर अस्पतालों में अलग काउंटर और पोर्टल बनाया जाए।

-ओपीडी में पैथोलॉजी जांच व दवाएं निशुल्क उपलब्ध कराई जाएं।

-आश्रितों के लिए 25 वर्ष की आयु सीमा की बाध्यता को तत्काल हटाया जाए।

-महंगाई भत्ता बढ़ने पर गोल्डन कार्ड अंशदान में स्वतः बढ़ोतरी के निर्णय को वापस लिया जाए।
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