उत्तराखंड: प्री मानसून की दस्तक के साथ कॉर्बेट और राजाजी पार्क से पहाड़ों की ओर रुख करने लगे गजराज
- कई 1200 फीट की ऊंचाई पर पहुंचे, इनमें ज्यादातर नर हाथी शामिल
- बारिश से पहाड़ों में पर्याप्त पानी-भोजन उपलब्ध, मक्खियों से भी निजात
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जिम कॉर्बेट टाइगर रिजर्व और राजाजी टाइगर रिजर्व के हाथी पहाड़ों की ओर रुख कर गए हैं। विशेषज्ञों की मानें तो ज्यादातर हाथी 1200 फीट की ऊंचाई तक पहुंच गए हैं। इनमें ज्यादा नर हाथी हैं।
प्री मानसून की बारिश हाथियों के पलायन की बड़ी वजह बन रही है। प्री मानसून से पहाड़ों में न सिर्फ पर्याप्त पानी और भोजन उपलब्ध है, बल्कि मक्खियां और मच्छर भी ज्यादा नहीं होते हैं। जबकि दोनों टाइगर रिजर्व में इस मौसम में मक्खियां और मच्छर ज्यादा होने से हाथी यहां असहज महसूस करते हैं।
जिम कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक राहुल की मानें तो इस बार बारिश पहले शुरू हो जाने से पहाड़ों पर पर्याप्त मात्रा में पानी के साथ-साथ खाने के लिए भी पर्याप्त चीजें उग आई हैं। जिसकी वजह से हाथी जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व से निकलकर आसपास की पहाड़ियों की ओर रुख कर रहे हैं।
दूसरी बड़ी वजह बारिश के चलते जंगलों में मच्छरों और मक्खियों की अधिकता भी है। बारिश की वजह से जिम कॉर्बेट टाइगर रिजर्व क्षेत्र में बहुत अधिक मक्खियां और मच्छर पैदा हो जाते हैं। इससे हाथी खुद को असहज महसूस करते हैं।
हाथियों का पहाड़ों की ओर पलायन सामान्य प्रक्रिया
इनसे बचने के लिए भी हाथी पहाड़ों की ओर रुख कर रहे हैं। उनका कहना है कि हाथियों का पहाड़ों की ओर पलायन करना एक सामान्य प्रक्रिया है लेकिन, इस बार हाथी पहले ही पहाड़ों की ओर पलायन कर गए हैं। राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक अमित वर्मा का कहना है कि ज्यादातार हाथियों का ये पलायन जुलाई माह में होता था। लेकिन ये इस वर्ष जून में ही पलायन करने लगे हैं।
शिशुओं के साथ मादा हाथियों ने नहीं किया पलायन
कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. राहुल ने बताया कि ज्यादातर हाथी टाइगर रिजर्व से निकलकर पहाड़ों की ओर चले गए हैं। लेकिन, शिशुओं में पहाड़ चढ़ने की क्षमता न होने पर मादा हाथी फिलहाल टाइगर रिजर्व में ही हैं। इस समय दोनों रिजर्व में ज्यादातर शिशु और मादा हाथी देखे जा सकते हैं।