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रात को नदी के रास्ते खेतों का रुख कर रहे हाथी
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विकासनगर। बीते कई दिनों से हाथियों ने रामपुर मंडी के जंगल में डेरा डाला हुआ है। रात के समय ये हाथी यमुना नदी क्षेत्र से सटे ढकरानी और ढालीपुर क्षेत्र के खेतों में घुसकर फसलों को खासा नुकसान पहुंचा रहे हैं। इससे काश्तकार परेशान हैं। हाथियों की धमक से वन विभाग भी खासा चौकन्ना बना हुआ है। पूरी रात हाथियों की गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। शाम ढलते ही ये हाथी खेतों का रुख करने लगते हैं, जबकि सुबह के समय वापस जंगल में आ जाते हैं।
गौरतलब है कि रामपुर मंडी क्षेत्र हरबर्टपुर-विकासनगर रोड से सटा हुआ है। ऐसे में रात के समय इस सड़क पर वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। इसको लेकर विभाग खासा सतर्क बना हुआ है। रात के समय हाथी सड़क पर न आ जाएं, इस पर पूरी नजर रखी जा रही है। अमूमन कालसी भूमि संरक्षण वन प्रभाग के अंतर्गत तिमली रेंज के जंगल में हाथी पाए जाते हैं, लेकिन कभी-कभार ये हाथी इससे सटे चकराता वन प्रभाग की रामपुर मंडी में पहुंच जाते हैं। यहां करीब 100 हेक्टेयर में जंगल है। बीते पांच जनवरी से इन हाथियों ने जंगल में डेरा डाला हुआ है।
वन दरोगा प्रदीप सक्सेना ने बताया कि हाथियों की गतिविधि पर लगातार नजर रखी जा रही है। रात के समय हाथी नदी के रास्ते खेतों में घुस जाते हैं, जबकि सुबह होते ही जंगल में लौट जाते हैं।
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गौरतलब है कि रामपुर मंडी क्षेत्र हरबर्टपुर-विकासनगर रोड से सटा हुआ है। ऐसे में रात के समय इस सड़क पर वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। इसको लेकर विभाग खासा सतर्क बना हुआ है। रात के समय हाथी सड़क पर न आ जाएं, इस पर पूरी नजर रखी जा रही है। अमूमन कालसी भूमि संरक्षण वन प्रभाग के अंतर्गत तिमली रेंज के जंगल में हाथी पाए जाते हैं, लेकिन कभी-कभार ये हाथी इससे सटे चकराता वन प्रभाग की रामपुर मंडी में पहुंच जाते हैं। यहां करीब 100 हेक्टेयर में जंगल है। बीते पांच जनवरी से इन हाथियों ने जंगल में डेरा डाला हुआ है।
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वन दरोगा प्रदीप सक्सेना ने बताया कि हाथियों की गतिविधि पर लगातार नजर रखी जा रही है। रात के समय हाथी नदी के रास्ते खेतों में घुस जाते हैं, जबकि सुबह होते ही जंगल में लौट जाते हैं।
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