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कोटद्वार के आबादी वाले इलाके में धमका हाथी, फसल रौंदी
ब्यूरो / अमर उजाला, कोटद्वार
Updated Mon, 20 Feb 2017 07:46 PM IST
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- फोटो : file photo
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वन विभाग की लाख कोशिशों के बावजूद आबादी क्षेत्र में हाथी की धमक रुकने का नाम नहीं ले रही है। रविवार रात को एक हाथी ने ग्रास्टनगंज की आबादी में जमकर उत्पात मचाया। लोगों के खेत में उगी धान की फसल को रौंद डाला। लोगों ने वन विभाग से हाथी से सुरक्षा और खेती में हुए नुकसान के लिए मुआवजा देने की मांग की है।
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लैंसडौन वन प्रभाग की कोटद्वार रेंज से सटे ग्रास्टनगंज में रविवार रात को करीब 12 बजे भारी भरकम जानवर के चलने की आहट ने लोगों की नींद उड़ा दी। उन्होंने बाहर की लाइट जलाई और खिड़की से बाहर झांका।
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घर के बाहर विशालकाय हाथी को टहलते देख उनके होश उड़ गए। उन्होंने घर के अंदर ही रहने में भलाई समझी। हाथी कुछ देर घर के बाहर टहलने के बाद नजदीक में ही सत्तार अहमद और अब्दुल जब्बार के खेत में घुस गया। उसने पूरी रातभर खेत को चट किया और बाकी फसल रौंद डाली। तड़के हाथी के जाने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
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ग्राम प्रधान विपुल बलूनी ने वन विभाग पर हाथी को जंगल में नहीं रोकने का आरोप लगाया। कहा कि हाथी इस प्रकार आबादी में धमक रहा है, जिससे मानव-हाथी संघर्ष का खतरा बना हुआ है। वह लोगों की मेहनत से उगाई खेती को नष्ट कर रहा है। ऐसे में वन विभाग को हाथी से जान-माल की सुरक्षा के पुख्ता उपाय करने चाहिए।
उधर, कोटद्वार के रेंज अधिकारी एसपी कंडवाल ने बताया कि हाथी को जंगल में रोकने के लिए जंगल से आबादी की ओर उसके रास्तों पर आग जलाई जा रही है। क्षेत्र में लोगों की सुरक्षा के लिए गश्त तेज की जाएगी।