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एक अप्रैल के बाद लग सकता है बिजली का 'झटका'
ब्यूरो / अमर उजाला, पिथौरागढ़
Updated Wed, 17 Feb 2016 01:23 PM IST
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पूर्व मुख्य सचिव और विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष सुभाष कुमार ने कहा कि एक अप्रैल से उत्तराखंड में बिजली की नई दरें लागू हो जाएंगी।
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इस समय विद्युत कंपनियों ने दरें 24 प्रतिशत बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है, लेकिन आयोग लोगों से बातचीत के आधार पर ही दरों का निर्धारण करेगा। सभी जिलों में जाकर उपभोक्ताओं की राय ली जा रही है। उन्होंने बताया कि गत वर्ष विद्युत कंपनियों ने 31 प्रतिशत दरें बढ़ाने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन आयोग ने मात्र नौ फीसदी की ही बढ़ोतरी की।
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मंगलवार को पंडा फार्म के गेस्टहाउस में पत्रकारों से बातचीत में सुभाष कुमार ने दावा किया कि पूरे देश में उत्तराखंड में बिजली सबसे सस्ती है। चाहे घरेलू बिजली हो या व्यावसायिक, सभी की दरें तुलनात्मक रूप से अन्य राज्यों से कम हैं।
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उन्होंने कहा कि टिहरी बांध से राज्य को मात्र 12 फीसदी बिजली का शेयर मिल रहा है। यदि यह शेयर 25 फीसदी मिलने लग जाए तो राज्य की बिजली की जरूरत को काफी हद तक पूरा किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि राज्य की रोजाना की बिजली की जरूरत पूरी करने के लिए 400 मेगावाट बिजली केंद्रीय पूल से लेनी पड़ती है।
राज्य अपने संसाधनों से इस समय 1180 मेगावाट बिजली का उत्पादन कर रहा है, जबकि जरूरत 1800 से 2000 मेगावाट तक है। उन्होंने कहा कि राज्य में बिजली उत्पादन बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्दी ही कुछ परियोजनाओं में उत्पादन होने लगेगा। उन्होंने कहा कि उनका आयोग उपभोक्ताओं पर ज्यादा बोझ डालने के पक्ष में नहीं रहता।