एक्शन में आया चुनाव आयोग, दर्ज किए जा चुके 681 केस
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आदर्श आचार संहिता को कड़ाई से लागू कराने के लिए निर्वाचन आयोग एक्शन में आ गया है। आचार संहिता लागू होने के दिन से अब तक निरोधात्मक धाराओं में 5569 लोगों के खिलाफ 681 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। यही नहीं 139 गैर जमानती वारंट भी तामील कराए गए।
राज्य सचिवालय में स्थापित कंट्रोल रूम से मिली सूचना के अनुसार, आचार संहिता के उल्लंघन के एक दर्जन मामलों में नोटिस जारी किए हैं। इनमें सबसे ज्यादा पांच मामले उत्तरकाशी के हैं। इनके अलावा हरिद्वार और चंपावत में तीन-तीन और अल्मोड़ा में तीन मामले सामने आए हैं। विशेष अभियान के तहत अब तक 3422 लाइसेंसी हथियार जमा कराए जा चुके हैं। इस दौरान 13 अवैध हथियार पर भी जब्त हुए हैं।
कानून व्यवस्था को कायम रखने के लिए पुलिस विभाग के 182 नाकों पर आयोग की टीमें मुस्तैद बताई गई हैं। पिछले तीन दिनों के दौरान आयोग ने बगैर इजाजत पोस्टर-बैनर और वाल राइटिंग के खिलाफ भी अभियान छेड़ा जिसमें सार्वजनिक भवनों से 7932 स्थानों से वॉल राईटिंग पोस्टर बैनर हटाए गए। इन मामलों में किसी के विरूद्ध कोई वाद दर्ज नहीं किया गया। व्यक्तिगत सम्पत्ति से संबंधित 23546 मामलों में वॉल राइटिंग व पोस्टर बैनर हटो गए हैं।
सीईओ से एसडीएम व कानूनगो की शिकायत
मुख्य निर्वाचन अधिकारी राधा रतूड़ी ने जिलाधिकारी को कालसी के एसडीएम व कानूनगो के मामले हुई शिकायत की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
भाजपा के प्रदेश महामंत्री गीता राम गौड़ ने यह शिकायत की थी। सीईओ को सौंपे पत्र में उन्होंने दोनों अधिकारियों पर ग्रामीणों से मारपीट और दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया। पत्र में कहा गया है कि मैससा गांव के ग्रामीण दैवीय आपदा से हुई क्षति के मामले में एसीडीएम से मिलने गए थे, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई।
उलटे उनसे मारपीट व दुर्व्यवहार किया गया और बाद में दबाव बनाकर उनसे समझौतानामा करा दिया गया। उन्होंने दोनों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग करते हुए आमरण अनशन की चेतावनी दी।