भारत-नेपाल के बीच वैवाहिक संबंधों में 'दीवार'
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नेपाल में चल रहे तनाव का असर सीमा पर बसे गांवों के आपस में होने वाले वैवाहिक संबंधों में भी विघ्न डालने लगा है। पिथौरागढ़ के जौलजीबी में महाकाली पर नवनिर्मित झूलापुल रविवार को बंद होने के चलते नेपाल जाने वाली दो बारातों को लौटना पड़ा। दोनों बारातें दस किलोमीटर घूमकर बलुवाकोट के रास्ते नेपाल गईं। उल्लेखनीय है कि इस पुल का निर्माण नेपाल सरकार ने किया है।
जौलजीबी मेले के दौरान पुल आवागमन के लिए खोला गया था, लेकिन 22 नवंबर को मेला समाप्त होने के बाद नेपाल सरकार ने पुल से आवागमन बंद फिर से बंद कर दिया क्योंकि पुल अभी हैंडओवर नहीं हुआ है।
इस बीच, प्रभारी जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने नेपाल के अधिकारियों से बात कर 24 नवंबर से पुल से आवागमन शुरू करवा तो दिया था, लेकिन दोनों देशों के सुरक्षाकर्मियों को स्पष्ट दिशा निर्देश न मिलने के कारण पुल से आवागमन में दिक्कत हो रही है।
दस किमी घूमकर जौलजीबी से बलुवाकोट जाना पड़ा
शनिवार को झूलापुल अपराह्न एक बजे आवागमन के लिए खुला और शाम को छह बजे बंद हो गया था, लेकिन रविवार को सुबह छह बजे पुल नहीं खुला। पुल के रास्ते नेपाल जाने वाली दो बारातों में शामिल लोगों ने एसएसबी के अधिकारियों से काफी आग्रह किया, लेकिन पुल नहीं खुला।
दोनों बारातें बाद में दस किलोमीटर दूर बलुवाकोट के रास्ते नेपाल गईं। नेपाल की तरफ से भी जौलजीबी आने के इच्छुक कई लोग आज सुबह से ही अटके रहे। पुल पर ड्यूटी दे रहे नेपाल पुलिस के जवानों ने भी अपनी ओर से गेट नहीं खोला।
लोगों का कहना था यदि पुल से आवागमन कुछ दिन के लिए बंद किया जाना है तो उसकी अग्रिम सूचना दी जाए ताकि लोग उसी के अनुसार अपना कार्यक्रम तय कर सकें। जौलजीबी निवासी लीला बनग्याल और समाजसेवी गिरीश अवस्थी ने कहा कि प्रशासन को असमंजस की स्थिति को समाप्त करना चाहिए।