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लाखों की 'चपत' से शिक्षा विभाग जागा

Sun, 08 Dec 2013 03:10 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 08 Dec 2013 03:10 PM IST
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education department facing loss

राजधानी देहरादून में संकुल संसाधन समन्वयक के 14 पदों पर शिक्षकों की गलत तैनाती में 60 लाख रुपए की चपत लगने के बाद शिक्षा विभाग होश में आया है।

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2003-04 में तैनात किए गए 14 शिक्षक

गलत नियुक्ति के लिए जिम्मेदार पांच कार्मिकों पर कार्रवाई के साथ संबंधित सीआरसी को मूल तैनाती स्थल पर भेजने का आदेश जारी कर दिया गया है। अमर उजाला ने दस नवंबर के अंक में यह मामला उठाया था।
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वर्ष 2003-04 में सीआरसी के पदों पर 14 शिक्षक तैनात किए गए। चयनित शिक्षकों की सेवा अवधि महज छह माह से एक वर्ष तक थी, जबकि नियमानुसार यह कम से कम पांच वर्ष होनी चाहिए थी।
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शिक्षक के पद पर उनका पे स्केल 4500 था, लेकिन सीआरसी बनने के कुछ समय बाद ही उन्होंने 5500 पे स्केल की मांग शुरू कर दी। कार्रवाई नहीं हुई तो सीआरसी कोर्ट चले गए।


नियुक्ति अवधि का बकाया भुगतान करना पड़ा
कोर्ट से उनके पक्ष में फैसला आया तो शिक्षा विभाग को पूरी नियुक्ति अवधि का बकाया करीब 60 लाख रुपए का भुगतान करना पड़ा।

अब होश में आए विभाग ने उस दौरान जिला परियोजना अधिकारी रहे एसपी सेमवाल, सहायक लेखाधिकारी बिशन चंद कुमाईं, लेखाकार मोहनलाल रतुड़ी, जिला समन्वयक कल्याण सिंह और सीआरसी संजय सोलंकी को आरोपपत्र जारी कर दिया है।

इन शिक्षकों को 60 लाख से अधिक का भुगतान किया जा चुका है। सीआरसी में इनकी प्रतिनियुक्ति को समाप्त कर इन्हें अब मूल विद्यालयों में भेजने के आदेश किए गए हैं।
- पद्मेंद्र सकलानी, जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक

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