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उत्तराखंडः भूकंप से डोली धरती, हड़कंप

Fri, 03 Apr 2015 11:01 AM IST
टीम डिजिटल / अमर उजाला, देहरादून
टीम डिजिटल / अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 03 Apr 2015 11:01 AM IST
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earthquakes in uttarakhand.

चमोली जिले में बीती रात्रि को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। जिससे लोग दहशत में आकर अपने घरों से बाहर निकल गए। भूकंप की तीव्रता 5.1 मापी गई और इसका केंद्र जिले के थराली तहसील का डुंगरी गांव था। भूकंप की गहराई करीब 10 किमी बताई गई।

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भूकंप का पहला झटका रात्रि दो बजकर 55 मिनट पर महसूस किया गया। और दूसरा झटका सुबह पांज बजकर 20 मिनट पर महसूस किया गया, हालांकि आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों ने भूकंप के दूसरे झटके की पुष्टि नहीं की है। भूकंप के बाद जहां लोगों में अफरा-तफरी का माहौल था, वहीं, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंद किशोर जोशी अपनी टीम के साथ सेवन डेस्क सिस्टम पर मुस्तैद हो गए थे।
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जिलाधिकारी अशोक कुमार ने भूकंप से जिले में किसी भी प्रकार के जान-माल के नुकसान से इंकार किया है। जिलाधिकारी ने आपदा प्रबंधन विभाग के राहत एवं बचाव टीमों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
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भूकंप का झटका, लोग घर से बाहर भागे
अलकनंदा घाटी में रात लगभग 2.53 बजे भूकंप का तेज झटका महसूस हुआ। झटका इतना तीव्र था कि गहरी नींद में सोए लोग बिस्तर छोड़कर बाहर आ गए। भूकंप से लगभग 10 सेकेंड तक दरवाजे खड़खड़ाते रहे।

प्रियंका, अनीता काला, रविंद्र, मुकेश भट्ट और मनीष टोडरिया ने बताया कि पहले तो कुछ समझ में नहीं आया, लेकिन जब खिड़की-दरवाजे हिलते देखे, तो वह घर से बाहर आ गए।

केदारनाथ-बदरीनाथ में फिर हुई बर्फबारी

earthquakes in uttarakhand.

उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में बुधवार को फिर मौसम ने करवट ली। केदारनाथ, बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब में बर्फबारी हुई है। केदारनाथ में सुबह आसमान साफ होने से चटख धूप खिली रही।

इस दौरान निम ने एमआई-26 के हेलीपैड के किनारों से बर्फ को पूरी तरह से साफ किया। दोपहर बाद अचानक मौसम खराब हो गया। चारों तरफ घने बादल छाने के साथ ही हल्की बारिश शुरू हो गई। कुछ ही देर में धाम में बर्फबारी भी होने लगी, जो देर शाम तक जारी रही।

रुद्रप्रयाग में अधिकतम तापमान 23 डिग्री और न्यूनतम 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। केदारनाथ में अधिकतम 8 डिग्री और न्यूनतम 2.5 डिग्री सेल्सियस रहा।

चमोली जिले में बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब, रुद्रनाथ, गोरसौं बुग्याल, लाल माटी, नंदा घुंघटी सहित ऊंची चोटियों पर बर्फबारी हुई तो गोपेश्वर के साथ ही निचले क्षेत्रों में देर शाम तक सर्द हवाएं चलीं।

जोशीमठ, पीपलकोटी, घाट, पोखरी क्षेत्रों में भी दोपहर बाद मौसम खराब हो गया। वहीं कर्णप्रयाग में भी मौसम खराब रहा और पिंडरघाटी के देवाल, थराली और नारायणबगड़ में शाम पांच बजे बूंदाबांदी शुरू हुई।

दिनभर बदलता रहा मौसम

earthquakes in uttarakhand.

उत्तरकाशी में भी बुधवार को मौसम बार-बार बदलता रहा। दिन में कभी धूप खिली तो कभी आसमान बादलों से घिर गया। शाम चार बजे बाद जिले के कई स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी हुई। जिला मुख्यालय सहित आसपास के क्षेत्र में तापमान अधिकतम 20 और न्यूनतम 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

साल भर चलता रहेगा वर्षा का सिलसिला!

लगातार होती जा रही वर्षा से भले ही देश का किसान परेशान हो, लेकिन सितारे बताते हैं कि वर्षा का यह सिलसिला पूरे साल जारी रहेगा। नए संवत्सर में राजा शनि और मंत्री मंगल रोहिणी नक्षत्र के साथ विराजमान है।

रोहिणी नक्षत्र का वास इस वर्ष समुद्र में होने से भी जल की प्रधानता मानी जा रही है। इस वर्ष के चंद्रमा मेघेश हैं। मेघेश चंद्र खंड वृष्टि लाते हैं। ग्रहों के राजा गुरु की अवस्था नीर शेष है।

बुध धान्येश स्थान पर है। ग्रहों की यह मिली-जुली चाल भारी वर्षा के योग बना रही है। शास्त्रीय विद्वान पंडित रवि शंकर जोशी के अनुसार रोहिणी का वास जब भी समुद्र में हुआ है, तभी वर्षा अधिक हुई। ग्रहों की चाल बताती है कि अगले वर्ष मार्च तक यही सिलसिला जारी रहेगा।

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