दिल्ली के बाद अब भूंकप से डोली उत्तराखंड की धरती, इतने रिक्टर पैमाने पर थी तीव्रता
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दिल्ली के बाद आज दोपहर बाद उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.6 रही। बागेश्वर जिले के तमाम इलाकों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। कहीं किसी नुकसान की सूचना नहीं है।
तीन दिन पहले 10 अप्रैल की रात भी यहां भूकंप आया था। जिसकी तीव्रता 3.1 मापी गई थी। इससे पहले एक अप्रैल की रात कपकोट समेत बागेश्वर जिले के तमाम हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 3.2 मापी गई थी। भूकंप का केंद्र नैनीताल था।
आठ फरवरी को महसूस किए थे भूकंप के झटके
आठ फरवरी को अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और बागेश्वर समेत कुमाऊं के कई हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किए गए थे। बागेश्वर जिले की दुगनाकुरी तहसील के किड़ई गांव में एक मकान की दीवार गिरने से दो लोग चोटिल हो गए थे, जबकि तीन अन्य मकानों में दरारें पड़ गईं थी। भूकंप का केंद्र कपकोट का गोगिना गांव था।
बागेश्वर की जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया था कि भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.7 आंकी गई। डीडीहाट, मुनस्यारी, मुवानी, नाचनी, कौसानी और गरुड़ में भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए थे।
एक जनवरी को आया था भूकंप
सीमांत पिथौरागढ़ जिले और बागेश्वर में एक जनवरी को भूकंप के झटके महसूस हुए थे। आपदा प्रबंधन केंद्र के अनुसार शाम 4 बजकर 15 मिनट पर महसूस हुए भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 3.1 थी। भूकंप का केंद्र 10 किमी. की गहराई में पिथौरागढ़ जिले में था।