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उत्तराखंड: पलक झपकते ही सड़क खून से लाल हो गई और बिखर गए शरीर के कटे अंग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 19 May 2018 10:10 AM IST
dumper crushed man
- फोटो : amar ujala file photo
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बरेली जिले के नवाबगंज तहसील के बुखारपुर एवं आसपास के गांवों के श्रद्धालुओं की मां पूर्णागिरि धाम के प्रति गंभीर आस्था है। इस बार देवी मां के ये भक्त आठवां डोला लेकर पैदल यात्रा पर निकले थे, लेकिन उनको क्या पता कि हाईवे पर काल बनकर डंपर आएगा।
श्रद्धालुओं ने बताया कि दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ करीब 240 श्रद्धालुओं का जत्था भक्तिगीतों पर नाचते-गाते पैदल आगे बढ़ रहा था। लाउडस्पीकर लगी ट्रैक्टर-ट्रालियां आगे चल रही थी। भक्तिगीतों पर नाचते-गाते वे मां का डोला लेकर पीछे चल रहे थे। इस दौरान पीछे से ओवरटेक करते एक डंपर ने जत्थे को रौंद डाला।
पलक झपकते ही सड़क खून से लाल हो गई और लाशें एवं शरीर के कटे अंग सड़क पर बिखर गए। हादसे के बाद डरे-सहमे श्रद्धालुओं के चेहरे पर खौफ साफ नजर आ रहा था। हादसे के प्रत्यक्षदर्शी श्रद्धालु बुखारपुर निवासी मृतक सोहन लाल के पुत्र तेजपाल ने बताया कि 16 मई को सुबह दस बजे आठवीं बार गांव में घूम-घूम कर भूमिसेन मंदिर में बनाए डोले के सिंहासन के साथ दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से बुखारपुर, उल्लहतापुर, बिहारीपुर आदि गांवों के करीब 240 श्रद्धालु, जिनमें चार महिलाएं एवं सौ बच्चे भी शामिल थे। मां के डोले के साथ पैदल आगे बढ़े। उन्होंने बृहस्पतिवार को उत्तराखंड की सीमा में प्रवेश किया।
बढ़ सकती है मृतकों की संख्या
डेमो
- फोटो : डेंमो
जगह-जगह तेज धूप से बचने के लिए वे रुक-रुक पर आगे बढ़ते हुए शाम हाइवे पर चकरपुर स्थित शिव मंदिर में पहुंचे। जहां उन्होंने रात्रि का भोजन एवं विश्राम किया। इसके बाद तड़के दो बजकर दस मिनट पर सभी श्रद्धालु मां के जयकारे के साथ आगे बढ़े। इस बीच बनबसा से आगे सैनिक छावनी आई।
तब तक मां की भक्ति में डूबे श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। जैसे ही सैनिक छावनी से आगे विचई गांव के पास पहुंचे कि हादसा हो गया। तेजपाल के मुताबिक दो डंपर तेजी से एक-दूसरे को ओवरटेक करते आ रहे थे कि एक अनियंत्रित डंपर जत्थों को कुचलता हुआ दौड़ा। हादसे से कोहराम मच गया और लोग इधर-उधर भागे। कोतवाल अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि फरार चालक ही प्रारंभिक जांच में डंपर का मालिक पाया गया है। हादसे के वक्त वह खुद डंप चला रहा था। वह पुलिस की पकड़ में है और उससे पूछताछ की जा रही है।
सबसे पहले सेना के जवान भगवान बनकर उनकी मदद को आए। हादसे के 11 मृतकों में आठ सोनू, राजकुमार, दीनदयाल, माखन लाल, रामस्वरूप, सोहन लाल, बाबू और कमल बुखारपुर के निवासी है, जबकि गंभीर रूप से घायल होने वाले सभी नौ लोग भी बुखारपुर के हैं। श्रद्धालु शिव सिंह ने बताया कि वह डोले का सिंहासन पकड़कर आगे चल रहे थे।
विचई के पास पॉलिथीन की पन्नी संवार रहे थे कि अचानक पीछे से डंपर आया और लोगों को रौंदता आगे बढ़ गया, जबकि हादसे को अंजाम देने वाला डंपर जिस डंपर को ओवरटेक कर रहा था वह हादसा देख वापस बनबसा की ओर मुड़ गया। बिहारीपुर निवासी नन्हें का इकलौता 16 वर्षीय पुत्र राजकुमार भी हादसे की भेंट चढ़ गया। हादसे के बाद गांव से खासी संख्या में लोग सरकारी अस्पताल अपने परिजनों को देखने दौड़े आए। अस्पताल में परिजनों का रो-रो बुरा हाल था। खासकर बुखारपुर गांव के लिए यह हादसा कहर बनकर टूटा है। गांव के कई घरों के चिराग बुझ गए।
तब तक मां की भक्ति में डूबे श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। जैसे ही सैनिक छावनी से आगे विचई गांव के पास पहुंचे कि हादसा हो गया। तेजपाल के मुताबिक दो डंपर तेजी से एक-दूसरे को ओवरटेक करते आ रहे थे कि एक अनियंत्रित डंपर जत्थों को कुचलता हुआ दौड़ा। हादसे से कोहराम मच गया और लोग इधर-उधर भागे। कोतवाल अरुण कुमार वर्मा ने बताया कि फरार चालक ही प्रारंभिक जांच में डंपर का मालिक पाया गया है। हादसे के वक्त वह खुद डंप चला रहा था। वह पुलिस की पकड़ में है और उससे पूछताछ की जा रही है।
सबसे पहले सेना के जवान भगवान बनकर उनकी मदद को आए। हादसे के 11 मृतकों में आठ सोनू, राजकुमार, दीनदयाल, माखन लाल, रामस्वरूप, सोहन लाल, बाबू और कमल बुखारपुर के निवासी है, जबकि गंभीर रूप से घायल होने वाले सभी नौ लोग भी बुखारपुर के हैं। श्रद्धालु शिव सिंह ने बताया कि वह डोले का सिंहासन पकड़कर आगे चल रहे थे।
विचई के पास पॉलिथीन की पन्नी संवार रहे थे कि अचानक पीछे से डंपर आया और लोगों को रौंदता आगे बढ़ गया, जबकि हादसे को अंजाम देने वाला डंपर जिस डंपर को ओवरटेक कर रहा था वह हादसा देख वापस बनबसा की ओर मुड़ गया। बिहारीपुर निवासी नन्हें का इकलौता 16 वर्षीय पुत्र राजकुमार भी हादसे की भेंट चढ़ गया। हादसे के बाद गांव से खासी संख्या में लोग सरकारी अस्पताल अपने परिजनों को देखने दौड़े आए। अस्पताल में परिजनों का रो-रो बुरा हाल था। खासकर बुखारपुर गांव के लिए यह हादसा कहर बनकर टूटा है। गांव के कई घरों के चिराग बुझ गए।
डंपर के टायर में फंसकर दो सौ मीटर घसीटते गए दो श्रद्धालु
accident
श्रद्धालुओं ने बताया कि मौत बनकर दौड़े डंपर के टायरों के बीच फंसकर दीनदयाल और बाबू करीब दो सौ मीटर तक घसीटते गए। हादसे में जहां बुखारपुर के दीनदयाल की मौके पर ही मौत हो गई थी, वहीं बुखारपुर के ही बारह वर्षीय बाबू पुत्र माखन लाल के हाथ, पैर कटकर सड़क पर बिखर गए थे। उसकी सांसें चल रही थी। उसे इलाज के लिए हल्द्वानी सुशीला तिवारी अस्पताल रेफर किया, लेकिन उसने भी रास्ते में ही दम तोड़ दिया। अस्पताल में श्रद्धालुओं ने बताया कि बमुश्किल डंपर के टायर में फंसे बाबू को निकाला गया।
हादसे ने बुझाया नन्हे का इकलौता चिराग
बुखारपुर गांव के लोगों ने बताया कि सोलह वर्षीय मृतक राजकुमार अपने परिवार का इकलौता चिराग था। जत्थे में वह अपने पिता नन्हे के साथ आया था। उसके पिता तो बाल-बाल बच गए, लेकिन उसकी मौत से नन्हे का इकलौता चिराग चल बसा। इधर, अस्पताल में किसी का भाई तो किसी के पिता की मौत पर उनके परिजनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। अस्पताल का माहौल दोपहर तक गमगीन बना रहा। जो भी मंजर देख रहा था उसकी आंखें नम हो जा रही थी।
हादसे ने बुझाया नन्हे का इकलौता चिराग
बुखारपुर गांव के लोगों ने बताया कि सोलह वर्षीय मृतक राजकुमार अपने परिवार का इकलौता चिराग था। जत्थे में वह अपने पिता नन्हे के साथ आया था। उसके पिता तो बाल-बाल बच गए, लेकिन उसकी मौत से नन्हे का इकलौता चिराग चल बसा। इधर, अस्पताल में किसी का भाई तो किसी के पिता की मौत पर उनके परिजनों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। अस्पताल का माहौल दोपहर तक गमगीन बना रहा। जो भी मंजर देख रहा था उसकी आंखें नम हो जा रही थी।
अस्पताल में दो की मौत पर गुस्सा
accident
हादसे में बचे श्रद्धालुओं में अस्पताल की व्यवस्थाओं के प्रति गुस्सा साफ देखा गया। लोगों ने बताया कि अस्पताल में दो लोग सोहन एवं रामस्वरूप ने दम तोड़ा, जिनके लिए ऑक्सीजन आदि की व्यवस्था भी की गई थी। उन्होंने माना कि अस्पताल में बेहतर चिकित्सा व्यवस्था होती तो इनकी जान बचाई जा सकती थी। काफी देर तक अस्पताल में दोनों श्रद्धालु चीखते-चिल्लाते रहे।
सूचना मिलते ही नवाबगंज और बुखारपुर से दौड़े चले आए लोग
हादसा होते ही श्रद्धालुओं ने सबसे पहले फोन पर अपने गांव बुखारपुर में हादसे की सूचना दी। इस पर गांव से लोग टनकपुर दौड़े आए। गांव से अस्पताल पहुंचे लाल सिंह, सेवाराम, विजेंद्र ने बताया कि गांव से करीब पचास से सौ लोग बाइक, कार आदि वाहनों से आए हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2011 से हर साल गांव से मां पूर्णागिरि धाम का डोला निकलता है। नवाबगंज से भाजपा मंडल अध्यक्ष राजीव गंगवार विधायक केसर सिंह गंगवार के निर्देश पर अस्पताल पहुंचे। उनके साथ ब्लॉक प्रमुख योगेंद्र गंगवार एवं बीडीसी सदस्य नरेश गंगवार भी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि हादसे का पता चलते ही विधायक ने मुख्यमंत्री से भी वार्ता की है। हादसे को लेकर विधायक निरंतर अधिकारियों से संपर्क में हैं। मृतकों के परिजनों की हर संभव सहायता की जा रही है।
सूचना मिलते ही नवाबगंज और बुखारपुर से दौड़े चले आए लोग
हादसा होते ही श्रद्धालुओं ने सबसे पहले फोन पर अपने गांव बुखारपुर में हादसे की सूचना दी। इस पर गांव से लोग टनकपुर दौड़े आए। गांव से अस्पताल पहुंचे लाल सिंह, सेवाराम, विजेंद्र ने बताया कि गांव से करीब पचास से सौ लोग बाइक, कार आदि वाहनों से आए हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2011 से हर साल गांव से मां पूर्णागिरि धाम का डोला निकलता है। नवाबगंज से भाजपा मंडल अध्यक्ष राजीव गंगवार विधायक केसर सिंह गंगवार के निर्देश पर अस्पताल पहुंचे। उनके साथ ब्लॉक प्रमुख योगेंद्र गंगवार एवं बीडीसी सदस्य नरेश गंगवार भी मौजूद थे। उन्होंने बताया कि हादसे का पता चलते ही विधायक ने मुख्यमंत्री से भी वार्ता की है। हादसे को लेकर विधायक निरंतर अधिकारियों से संपर्क में हैं। मृतकों के परिजनों की हर संभव सहायता की जा रही है।
हादसे के मृतक और घायल
accident
मृतकों के नाम और पते
1-वीर सिंह (18) पुत्र अंगन लाल, निवासी उल्लहतापुर बहेड़ी, बरेली।
2-सोनू (16) पुत्र माखन लाल, निवासी बुखारपुर, नवाबगंज, बरेली।
3-विशाल (17) पुत्र यशवंत सिंह, निवासी सहलपुर, हाफिजगंज बरेली।
4-राजकुमार (16) पुत्र नन्हे सिंह, निवासी बुखारपुर, नवाबगंज बरेली।
5-दीनदयाल (35) पुत्र पोथी राम, निवासी बुखारपुर, नवाबगंज बरेली।
6-माखन लाल (35) पुत्र गेंदन लाल, निवासी बुखारपुर, नवाबगंज बरेली।
7-केसर सिंह (14) पुत्र खूबकरन, निवासी बिहारीपुर बहेड़ी, बरेली।
8-रामस्वरूप (45) पुत्र नत्थू, निवासी बुखारपुर, नवाबगंज बरेली।
9-सोहन लाल (40) पुत्र नत्थू लाल, निवासी बुखारपुर, नवाबगंज बरेली।
10-बाबू (12) पुत्र माखन लाल, निवासी बुखारपुर, नवाबगंज बरेली।
11-कमल (25) पुत्र उदय सिंह, निवासी बुखारपुर नवाबगंज बरेली।
(इसमें घायल बाबू ने हल्द्वानी ले जाते समय और कमल ने पीलीभीत ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ा)
गंभीर रूप से घायल
1-गुड्डू (24) पुत्र ननकी सिंह, निवासी बुखारपुर, नवाबगंज बरेली।
2-वीरेंद्र सिंह (28) पुत्र उत्तम सिंह, निवासी बुखारपुर, नवाबगंज बरेली।
3-कुंदन सिंह (30) पुत्र लोचन सिंह, निवासी बुखारपुर, नवाबगंज बरेली।
4-वीरपाल (25) पुत्र मीही लाल, निवासी बुखारपुर, नवाबगंज बरेली।
5-तीरथ सिंह (44) पुत्र लोचन सिंह, निवासी बुखारपुर, नवाबगंज बरेली।
6-इंद्रजीत (32) पुत्र जगन लाल, निवासी बुखारपुर, नवाबगंज बरेली।
7-विजेंद्र सिंह (27) पुत्र करन सिंह, निवासी बुखारपुर, नवाबगंज बरेली।
8-राजपाल (20) पुत्र नंदराम, निवासी बुखारपुर, नवाबगंज बरेली।
9-सोमपाल सिंह (20) पुत्र तीरथ सिंह, निवासी बुखारपुर, नवाबगंज बरेली।
सामान्य घायल
1-मोती सिंह (16) पुत्र मुंशी लाल, निवासी बुखारपुर, नवाबगंज बरेली।
2-हरपाल (30) पुत्र बेगलाज, निवासी बुखारपुर, नवाबगंज बरेली।
3-रोहताश (20) पुत्र लाल सिंह, निवासी बुखारपुर, नवाबगंज बरेली।
4-तीरथ सिंह (20) पुत्र दोधराज, निवासी बुखारपुर, नवाबगंज बरेली।
5-निरंजन (45) पुत्र पवन लाल, निवासी बुखारपुर, नवाबगंज बरेली।
6-राजाबाबू (18) पुत्र प्रेम सिंह, निवासी खजनिया, नवाबगंज बरेली।
7-तेज सिंह (32) पुत्र करन सिंह, निवासी बुखारपुर, नवाबगंज बरेली।
8-जगदीश (52) पुत्र रलन लाल, निवासी सतुईया कलां, नवाबगंज बरेली।
9-हुलास राय (26) पुत्र निरंजन राय, निवासी बुखारपुर, नवाबगंज बरेली।
10-लखन सिंह (58) पुत्र गरी राम, निवासी बुखारपुर, नवाबगंज बरेली।
हादसे के शिकार लोगों को आर्थिक मदद
चंपावत विधायक कैलाश गहतोड़ी के निर्देश पर डीएम डॉ. अहमद इकबाल ने मां पूर्णागिरि मेला मद से मृतकों के परिजनों को 50-50 हजार, गंभीर घायलों को 25-25 हजार एवं मामूली रूप से घायलों को 10-10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। इधर, नवाबगंज के विधायक केसर सिंह गंगवार की पहल पर यूपी सरकार ने भी मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख एवं घायलों को 50-50 हजार रुपये सहायता की घोषणा की है।
1-वीर सिंह (18) पुत्र अंगन लाल, निवासी उल्लहतापुर बहेड़ी, बरेली।
2-सोनू (16) पुत्र माखन लाल, निवासी बुखारपुर, नवाबगंज, बरेली।
3-विशाल (17) पुत्र यशवंत सिंह, निवासी सहलपुर, हाफिजगंज बरेली।
4-राजकुमार (16) पुत्र नन्हे सिंह, निवासी बुखारपुर, नवाबगंज बरेली।
5-दीनदयाल (35) पुत्र पोथी राम, निवासी बुखारपुर, नवाबगंज बरेली।
6-माखन लाल (35) पुत्र गेंदन लाल, निवासी बुखारपुर, नवाबगंज बरेली।
7-केसर सिंह (14) पुत्र खूबकरन, निवासी बिहारीपुर बहेड़ी, बरेली।
8-रामस्वरूप (45) पुत्र नत्थू, निवासी बुखारपुर, नवाबगंज बरेली।
9-सोहन लाल (40) पुत्र नत्थू लाल, निवासी बुखारपुर, नवाबगंज बरेली।
10-बाबू (12) पुत्र माखन लाल, निवासी बुखारपुर, नवाबगंज बरेली।
11-कमल (25) पुत्र उदय सिंह, निवासी बुखारपुर नवाबगंज बरेली।
(इसमें घायल बाबू ने हल्द्वानी ले जाते समय और कमल ने पीलीभीत ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ा)
गंभीर रूप से घायल
1-गुड्डू (24) पुत्र ननकी सिंह, निवासी बुखारपुर, नवाबगंज बरेली।
2-वीरेंद्र सिंह (28) पुत्र उत्तम सिंह, निवासी बुखारपुर, नवाबगंज बरेली।
3-कुंदन सिंह (30) पुत्र लोचन सिंह, निवासी बुखारपुर, नवाबगंज बरेली।
4-वीरपाल (25) पुत्र मीही लाल, निवासी बुखारपुर, नवाबगंज बरेली।
5-तीरथ सिंह (44) पुत्र लोचन सिंह, निवासी बुखारपुर, नवाबगंज बरेली।
6-इंद्रजीत (32) पुत्र जगन लाल, निवासी बुखारपुर, नवाबगंज बरेली।
7-विजेंद्र सिंह (27) पुत्र करन सिंह, निवासी बुखारपुर, नवाबगंज बरेली।
8-राजपाल (20) पुत्र नंदराम, निवासी बुखारपुर, नवाबगंज बरेली।
9-सोमपाल सिंह (20) पुत्र तीरथ सिंह, निवासी बुखारपुर, नवाबगंज बरेली।
सामान्य घायल
1-मोती सिंह (16) पुत्र मुंशी लाल, निवासी बुखारपुर, नवाबगंज बरेली।
2-हरपाल (30) पुत्र बेगलाज, निवासी बुखारपुर, नवाबगंज बरेली।
3-रोहताश (20) पुत्र लाल सिंह, निवासी बुखारपुर, नवाबगंज बरेली।
4-तीरथ सिंह (20) पुत्र दोधराज, निवासी बुखारपुर, नवाबगंज बरेली।
5-निरंजन (45) पुत्र पवन लाल, निवासी बुखारपुर, नवाबगंज बरेली।
6-राजाबाबू (18) पुत्र प्रेम सिंह, निवासी खजनिया, नवाबगंज बरेली।
7-तेज सिंह (32) पुत्र करन सिंह, निवासी बुखारपुर, नवाबगंज बरेली।
8-जगदीश (52) पुत्र रलन लाल, निवासी सतुईया कलां, नवाबगंज बरेली।
9-हुलास राय (26) पुत्र निरंजन राय, निवासी बुखारपुर, नवाबगंज बरेली।
10-लखन सिंह (58) पुत्र गरी राम, निवासी बुखारपुर, नवाबगंज बरेली।
हादसे के शिकार लोगों को आर्थिक मदद
चंपावत विधायक कैलाश गहतोड़ी के निर्देश पर डीएम डॉ. अहमद इकबाल ने मां पूर्णागिरि मेला मद से मृतकों के परिजनों को 50-50 हजार, गंभीर घायलों को 25-25 हजार एवं मामूली रूप से घायलों को 10-10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। इधर, नवाबगंज के विधायक केसर सिंह गंगवार की पहल पर यूपी सरकार ने भी मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख एवं घायलों को 50-50 हजार रुपये सहायता की घोषणा की है।