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Dehradun News: 20 साल में 400 से अधिक इकाइयां समेट चुके हैं काम
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सेलाकुई औद्योगिक क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं का अभाव, प्रशासन नहीं गंभीर
पानी, पथ प्रकाश, सुरक्षा, सड़क और शौचालय जैसी सुविधाएं भी नसीब नहीं
महिला कर्मियों की सुरक्षा भी भगवान भरोसे
औद्योगिक क्षेत्र में सुविधाओं की कमी की वजह से दो दशक में 400 से अधिक छोटी-बड़ी इकाइयां कारोबार समेट कर जा चुके हैं। बावजूद इसके शासन-प्रशासन गंभीर नहीं है। भारी भरकम टैक्स देने के बावजूद औद्योगिक क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। पथ प्रकाश, पानी, सुरक्षा, सड़क और शौचालय जैसी सुविधाएं के लिए लोग तरसते हैं। कारोबार भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
प्रदेश बनने के बाद 2002 में सेलाकुई में करीब 250 एकड़ जमीन अधिकृत करके यहां उद्योग स्थापित किए गए थे। उत्तराखंड बनने के बाद एक बार फिर से औद्योगिक क्षेत्र को सिडकुल के अधिकार क्षेत्र में लाकर नए सिरे से विकसित करने का प्रयास किया गया। यह प्रयास सार्थक भी रहा और एक हजार के आसपास औद्योगिक इकाइयां यहां स्थापित की गई। लेकिन सुविधाओं के अभाव में एक-एक करके लगभग 400 छोटी-बड़ी इकाइयों ने यहां से अपना कारोबार समेट लिया।
फिलहाल करीब 500 औद्योगिक इकाई उत्पादन का कार्य कर रही हैं, जिनमें अधिकतर फार्मा क्षेत्र की हैं। सड़क और सुरक्षा की स्थिति दयनीय है। पीने के लिए पानी की कोई प्याऊ या स्थान उपलब्ध नहीं है। सुलभ शौचालय और स्ट्रीट लाइट आदि तक उपलब्ध नहीं हैं। औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाली महिला कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए भी पूरे क्षेत्र में महिला पुलिस चौकी या महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती नहीं हैं।
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सड़क पर गड्ढे, जलभराव से परेशानी
ड्रग मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद कालानी का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र में ज्यादातर कंपनियां फार्मा की हैं। लाखों रुपये टैक्स देने के बावजूद भी सुविधाओं के नाम पर सिडकुल की कोई व्यवस्था नहीं है। विद्युत पोल पर लाइट लगी हैं लेकिन उनमें से आधी से अधिक खराब हैं। सड़कों पर बने गड्ढे और जलभराव की स्थिति परेशान करने वाली है। दवा कंपनी के महाप्रबंधक त्रिभुवन सेमवाल का कहना है कि बहुत सारी इकाई रात के समय भी चलती हैं। सुरक्षा की दृष्टि से कोई इंतजाम नहीं होने के कारण महिलाओं व पुरुष कर्मचारियों की सुरक्षा रामभरोसे ही रहती है।
बयान...
मैंने अभी कुछ दिन पहले ही प्रबंधक का पद संभाला है। सभी समस्याओं के समाधान को लेकर काम भी शुरू किया गया है। फिलहाल शौचालय का निर्माण प्रारंभ हो गया है। बारिश के मौसम के बाद सड़कों का निर्माण व स्ट्रीट लाइट आदि की व्यवस्था कराई जाएगी। - यशवंत सिंह रावत, क्षेत्रीय प्रबंधक, सिडकुल
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पानी, पथ प्रकाश, सुरक्षा, सड़क और शौचालय जैसी सुविधाएं भी नसीब नहीं
महिला कर्मियों की सुरक्षा भी भगवान भरोसे
औद्योगिक क्षेत्र में सुविधाओं की कमी की वजह से दो दशक में 400 से अधिक छोटी-बड़ी इकाइयां कारोबार समेट कर जा चुके हैं। बावजूद इसके शासन-प्रशासन गंभीर नहीं है। भारी भरकम टैक्स देने के बावजूद औद्योगिक क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। पथ प्रकाश, पानी, सुरक्षा, सड़क और शौचालय जैसी सुविधाएं के लिए लोग तरसते हैं। कारोबार भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
प्रदेश बनने के बाद 2002 में सेलाकुई में करीब 250 एकड़ जमीन अधिकृत करके यहां उद्योग स्थापित किए गए थे। उत्तराखंड बनने के बाद एक बार फिर से औद्योगिक क्षेत्र को सिडकुल के अधिकार क्षेत्र में लाकर नए सिरे से विकसित करने का प्रयास किया गया। यह प्रयास सार्थक भी रहा और एक हजार के आसपास औद्योगिक इकाइयां यहां स्थापित की गई। लेकिन सुविधाओं के अभाव में एक-एक करके लगभग 400 छोटी-बड़ी इकाइयों ने यहां से अपना कारोबार समेट लिया।
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फिलहाल करीब 500 औद्योगिक इकाई उत्पादन का कार्य कर रही हैं, जिनमें अधिकतर फार्मा क्षेत्र की हैं। सड़क और सुरक्षा की स्थिति दयनीय है। पीने के लिए पानी की कोई प्याऊ या स्थान उपलब्ध नहीं है। सुलभ शौचालय और स्ट्रीट लाइट आदि तक उपलब्ध नहीं हैं। औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाली महिला कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए भी पूरे क्षेत्र में महिला पुलिस चौकी या महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती नहीं हैं।
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सड़क पर गड्ढे, जलभराव से परेशानी
ड्रग मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद कालानी का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र में ज्यादातर कंपनियां फार्मा की हैं। लाखों रुपये टैक्स देने के बावजूद भी सुविधाओं के नाम पर सिडकुल की कोई व्यवस्था नहीं है। विद्युत पोल पर लाइट लगी हैं लेकिन उनमें से आधी से अधिक खराब हैं। सड़कों पर बने गड्ढे और जलभराव की स्थिति परेशान करने वाली है। दवा कंपनी के महाप्रबंधक त्रिभुवन सेमवाल का कहना है कि बहुत सारी इकाई रात के समय भी चलती हैं। सुरक्षा की दृष्टि से कोई इंतजाम नहीं होने के कारण महिलाओं व पुरुष कर्मचारियों की सुरक्षा रामभरोसे ही रहती है।
बयान...
मैंने अभी कुछ दिन पहले ही प्रबंधक का पद संभाला है। सभी समस्याओं के समाधान को लेकर काम भी शुरू किया गया है। फिलहाल शौचालय का निर्माण प्रारंभ हो गया है। बारिश के मौसम के बाद सड़कों का निर्माण व स्ट्रीट लाइट आदि की व्यवस्था कराई जाएगी। - यशवंत सिंह रावत, क्षेत्रीय प्रबंधक, सिडकुल