माय सिटी रिपोर्टर देहरादून कोरोना वायरस के चलते केंद्र सरकार की ओर से लागू किए गए देशव्यापी लाकेडाउन के बीच उत्तराखंड के 25,000 से अधिक ट्रकों के पहिए थम गए हैं। उत्तराखंड ट्रक वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों की मानें तो लॉकडाउन के चलते उत्तराखंड के अलावा देश के विभिन्न राज्यों में 25,000 से अधिक ट्रक जहां-तहां फंस गए हैं । ट्रकों का संचालन ठप होने से जहां प्रतिदिन करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा है, वही करोड़ों रुपए के सामानों की आवाजाही भी पूरी तरह ठप हो गई है । उत्तराखंड ट्रक वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक कुमार अग्रवाल ने बताया कि लाकडाउन के चलते ट्रकों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है । जहां तक उत्तराखंड का सवाल है तो राज्य में महज उन्हीं गाड़ियों का संचालन किया जा रहा है जो राज्य सरकार व जिला प्रशासन के निर्देश पर बेहद जरूरी सामानों को लाने में इस्तेमाल की जा रही हैं । अध्यक्ष अग्रवाल के मुताबिक ट्रकों का संचालन पूरी तरह ठप होने से प्रतिदिन करोड़ों रुपए का नुकसान हो रहा है जिसका फिलहाल आकलन नहीं हो पाया है। इतना ही नहीं ट्रकों की आवाजाही रुक जाने से उत्तराखंड समेत देश के विभिन्न राज्यों में जहां-तहां राज्य के हजारों ट्रक फंस गए हैं जिनमें करोड़ों रुपए का सामान लगा हुआ है एसोसिएशन अध्यक्ष अग्रवाल का यह भी कहना है कि यदि लाकडाउन लंबा चला नहीं तो न सिर्फ उत्तराखंड वरन देश को भारी वित्तीय नुकसान होगा। ------------------/ सामान लदे ट्रकों को छोड़कर भाग आये चालक परिचालक एसोसिएशन अध्यक्ष अग्रवाल की मानें तो लॉक डाउनके साथ ही राज्य के हजारों की संख्या में चालक परिचालक ट्रकों को फिलहाल जहां तहां खड़ा करके जैसे-तैसे वह भाग आएं हैं ।जबकि तमाम ऐसे चालक हैं जो ट्रकों में ही मौजूद हैं और उन्हें मध्य प्रदेश , उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड ,राजस्थान ,गुजरात ,महाराष्ट्र समेत देश के तमाम राज्यों में जगह जगह रोक दिया गया है । दुखद पहलू यह है कि तमाम ऐसे चालक परिचालक है जिनके पास पैसा नहीं है और लाक डाउन के चलते ट्रक मालिक भी उनके पास तक वित्तीय मदद नहीं कर पा रहे हैं ।ऐसे में ये चालक संबंधित राज्यों के जिला प्रशासन के रहमों करम पर जैसे तैसे अपना दिन काट रहे हैं।