पर्वतीय मार्ग पर रात में बैरियर न खोलने पर युवक हंगामा काटा, दरोगा व कांस्टेबल को किया घायल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पर्वतीय मार्ग पर यातायात के प्रतिबंधित समय पर पुलिस द्वारा ककरालीगेट में बंद बैरियर न खोले जाने से बौखलाए कार सवार एक युवक ने ऐसा हंगामा काटा कि पुलिस और अस्पताल कर्मियों के पसीने छूट गए। बृहस्पतिवार तड़के करीब तीन बजे युवक बैरियर पर तैनात पुलिस कर्मियों से उलझा और फिर कोतवाली में तोड़फोड़ कर एक दरोगा व पुलिस कर्मी पर हमला कर दिया। उसके हमले से दरोगा व पुलिस कर्मी घायल हुए हैं। घायल पुलिस कर्मियों और प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक व चिकित्साधिकारी की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेजा गया है।
दिल्ली की एक कंपनी में इंजीनियर श्यामलाताल सूखीढांग की जौल ग्राम पंचायत के पोथ गांव सूरज भट्ट (26) पुत्र अशोक चंद्र भट्ट अपनी निजी कार (डीएल1जेडबी/4805) से बृहस्पतिवार तड़के करीब तीन बजे ककरालीगेट बैरियर पहुंचा। रात में पर्वतीय मार्ग में यातायात पर प्रतिबंध के चलते बैरियर बंद था। इस पर सूरज वहां मौजूद पुलिस कर्मियों से उलझने लगा। इस पर पुलिस कर्मी उसे कोतवाली ले आए।
युवक ने कोतवाली में तोड़फोड़ शुरू कर दी। मेडिकल के लिए संयुक्त चिकित्सालय लाने पर आरोपी युवक ने आपात कक्ष में तोड़-फोड़ शुरू कर दी। पुलिस कर्मियों द्वारा रोकने पर उसने एसआई मोहन चंद्र भट्ट के हाथ और जांघ पर दांत काट दिया। इतना ही नहीं कांस्टेबल हेम चंद्र भट्ट व मेडिकल परीक्षण कर रहे चिकित्साधिकारी डा. मानवेंद्र सिंह पर भी उसने हमला किया। करीब एक घंटे तक हाथ में सरिया लेकर वह पुलिस व अस्पताल कर्मियों को धमकाता रहा। पुलिस कर्मियों ने उसे कब्जे में कर अस्पताल से वापस कोतवाली पहुंचाया।
कोतवाल अरूण कुमार वर्मा ने बताया कि घायल उप निरीक्षक के साथ ही प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डा. वीके जोशी एवं चिकित्साधिकारी डा. मानवेंद्र की तहरीर पर आरोपी युवक के खिलाफ आईपीसी की धारा 332, 353, 504, 506, 427 एवं लोक संपत्ति अधिकार अधिनियम की धारा 304 के तहत मुकदमा दर्ज कर न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया गया है।
झूठे आरोप में फंसाया गया
पुलिस कर्मियों व डाक्टर पर हमला एवं कोतवाल और अस्पताल में तोड़फोड़ के आरोपी युवक सूरज भट्ट ने कहा कि वह मां के बीमार होने की सूचना पर जल्द घर पहुंचना चाह रहा था, लेकिन पुलिस कर्मियों ने बैरियर नहीं खोला। उसने अपने ऊपर लगाए आरोप को झूठा बताते हुए उल्टा आरोप लगाया कि पुलिस कर्मियों व अस्पताल में मेडिकल करते वक्त डाक्टर ने उसकी पिटाई की है। एसआई मोहन चंद्र भट्ट ने बताया कि सूरज ने जब मां के बीमार होने की बात कहीं तो उन्होंने फोन पर मां से संपर्क किया। इस पर उसकी मां ने सूरज को रात में कार से अकेले घर की ओर न आने देने का कहा था।