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उत्तराखंड के पांच जिलों में सूखे का संकट, फसल हुई बर्बाद
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 28 Apr 2016 02:13 AM IST
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सूखा
- फोटो : bbc
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सूबे के पांच जिलों पिथौरागढ़, पौड़ी, नैनीताल, अल्मोड़ा और रुद्रप्रयाग में जबरदस्त सूखे के हालात हैं। कृषि विभाग की ओर से कराए गए सर्वे के मुताबिक इन पांच जिलों में सूखे की स्थिति है। कृषि विभाग के सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक सरकार इन जिलों को सूखाग्रस्त घोषित करने की तैयारी कर रही है। इस संबंध में मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह ने आदेश भी जारी कर दिए हैं। इन जिलों को सूखाग्रस्त घोषित किए जाने के बाद राजस्व वसूली पर रोक लगा दी जाएगी।
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देश के तमाम राज्यों में इन दिनों सूखे के हालात है। उत्तराखंड भी इससे अछूता नहीं है। राज्य के विभिन्न इलाकों में सूखे के हालात है। कृषि विभाग की ओर से कराए गए सर्वे के मुताबिक पिथौरागढ़, पौड़ी, नैनीताल, अल्मोड़ा और रुद्रप्रयाग पांच ऐसे जिले है जहां 33 फीसदी से अधिक फसल सूखे के चलते तबाह हो चुकी है।
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आंकड़ों के अनुसार पिथौरागढ़ में 34618 हेक्टेयर में से 16838 हेक्टेयर, अल्मोड़ा में 44061 हेक्टेयर में से 25344, नैनीताल में 26555 हेक्टेयर में से 8636 हेक्टेयर, रुद्रप्रयाग में 12420 हेक्टेयर में से 11117 हेक्टेयर और पौड़ी जिले में 37515 में 5162 हेक्टेयर फसल सूखे की भेंट चढ़ चुकी है।
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हजारों हेक्टेयर फसल बर्बाद
सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक इन पांच जिलों में ही कुल मिलाकर 67,097 हेक्टेयर फसल बर्बाद हो चुकी है। जहां तक पूरे राज्य का सवाल है तो राज्य में 421380 हेक्टेयर में फसल बोई गई थी जिसमें से 131622 हेक्टेयर फसल पर सूखे का असर पड़ा है। केंद्र सरकार ने देश के 258 जिलों को सूखाग्रस्त घोषित कर दिया है। उत्तराखंड के इन पांच जिलों को शामिल किए जाने के बाद सूखा प्रभावित जिलों की संख्या 263 हो जाएगी। सूखाग्रस्त जिलों के किसानों के लिए केंद्र और राज्य सरकारें तमाम योजनाएं भी लागू करने जा रही है, ताकि किसानों को सूखे की मार से उबारा जा सके।