{"_id":"58e7e8b14f1c1bd0355b3d28","slug":"drone-will-be-monitor-on-tigers-in-the-corbett-tiger-reserve","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कार्बेट टाइगर रिजर्व में अब हाइपावर ड्रोन से होगी बाघों की निगरानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कार्बेट टाइगर रिजर्व में अब हाइपावर ड्रोन से होगी बाघों की निगरानी
ब्यूरो/अमर उजाला, रामनगर
Updated Sat, 08 Apr 2017 01:12 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कार्बेट टाइगर रिजर्व (सीटीआर) के निदेशक सुरेंद्र सिंह मेहरा ने शुक्रवार को बिजरानी में पत्रकार वार्ता की। बताया कि नई गणना के अनुसार बाघों के बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं।
विज्ञापन
इस कारण वन्यजीवों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए पार्क प्रशासन भी मुस्तैद हो चला है। इसके लिए पांच सौ मीटर उड़ने वाला हाइपावर ड्रोन के साथ ही दो कुत्ते भी मंगवाए गए हैं। फिलहाल इन कुत्तों को ट्रेनिंग दी जा रही है।
विज्ञापन
निदेशक मेहरा ने बताया कि इस बार पार्क प्रशासन ने खुद ही कैमरा ट्रैप लगाकर बाघों की गणना की है। इसलिए एक माह के अंदर बाघ गणना के रिजल्ट आ जाएंगे। इसमें बाघों के बढ़ने के संकेत मिले हैं।
विज्ञापन
न्होंने बताया कि पार्क में कौन सा बाघ कहां, क्या कर रहा है इसकी जानकारी भी विभाग रख रहा है। इसके लिए एनटीसीए, भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून के माध्यम से एक प्रोजेक्ट लांच हुआ था।
इसके अंतर्गत सीटीआर ने जमीन से पांच सौ मीटर ऊंचाई तक उड़ान भरने वाले ड्रोन की सहायता से अपने वनक्षेत्रों की मॉनीटरिंग की है। इन ड्रोनों का इस्तेमाल पर्यटन प्रबंधन के साथ ही वन सुरक्षा के लिए भी किया जाएगा। हाथी आदि वन्यजीवों की कई प्रजातियों की गणना ड्रोन के माध्यम से हो सकती है।
इस बार बताया कि एनटीसीए की गाइडलाइन के अनुसार इस बार सीटीआर प्रशासन ने स्वयं बाघ गणना की है। कार्बेट नेशनल पार्क, सोनानदी वाइल्डलाइफ सेंचुरी, बफर क्षेत्र में 600 से अधिक कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं। इस बार मॉनिटरिंग चार वर्ग किमी के क्षेत्र के बजाय दो वर्ग किमी के क्षेत्रफल में की गई है।
इससे पार्क प्रशासन को उम्मीद है कि इस बार आंकड़े पहले के मुकाबले बेहतर होंगे। इसके साथ ही दो कुत्ते भी मंगाए गए हैं, जिनको आजकल ट्रेनिंग दी जा रही है। अब पार्क क्षेत्र में गश्त के लिए कुल चार कुत्ते हो जाएंगे, जो पार्क की पश्चिमी सीमा पर मुस्तैद रहेंगे।
इस बार बताया कि एनटीसीए की गाइडलाइन के अनुसार इस बार सीटीआर प्रशासन ने स्वयं बाघ गणना की है। कार्बेट नेशनल पार्क, सोनानदी वाइल्डलाइफ सेंचुरी, बफर क्षेत्र में 600 से अधिक कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं। इस बार मॉनिटरिंग चार वर्ग किमी के क्षेत्र के बजाय दो वर्ग किमी के क्षेत्रफल में की गई है।
इससे पार्क प्रशासन को उम्मीद है कि इस बार आंकड़े पहले के मुकाबले बेहतर होंगे। इसके साथ ही दो कुत्ते भी मंगाए गए हैं, जिनको आजकल ट्रेनिंग दी जा रही है। अब पार्क क्षेत्र में गश्त के लिए कुल चार कुत्ते हो जाएंगे, जो पार्क की पश्चिमी सीमा पर मुस्तैद रहेंगे।