महेंद्र सिंह भाटी हत्याकांड में बढ़ी डीपी यादव की मुश्किल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गाजियाबाद में हुए विधायक महेंद्र सिंह भाटी हत्याकांड मामले में पूर्व सांसद डीपी यादव की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं।
नैनीताल हाईकोर्ट ने पूर्व सांसद डीपी यादव और पाल सिंह उर्फ लक्कड़पाला की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
गाजियाबाद में हुए विधायक महेंद्र सिंह भाटी हत्याकांड मामले में इन्हें निचली अदालत की ओर से आजीवन कारावास की सजा दी गई थी, जिसके खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में अपील की थी। प्रनीत भाटी और करन यादव की जमानत याचिका पर सुनवाई अभी होनी है।
न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया एवं न्यायमूर्ति सर्वेश कुमार गुप्ता की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
गाजियाबाद में विधायक महेंद्र सिंह भाटी समेत दो लोगों की हत्या के 22 साल पुराने मामले में तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विशेष न्यायालय सीबीआई की अदालत ने 10 मार्च, 2015 को पूर्व सांसद डीपी यादव समेत चार दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
डीपी यादव, प्रनीत भाटी और करन यादव पर 1.15 लाख रुपए और पाल सिंह उर्फ लक्कड़पाला पर 45 हजार रूपए का जुर्माना लगाया गया था।
यह था मामला
13 सितंबर 1992 की शाम यूपी के गौतमबुद्धनगर जिले में दादरी रेलवे क्रासिंग पर विधायक महेंद्र सिंह भाटी की ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दी गई थी। हमले में भाटी के साथ कार में सवार उनके साथी उदय प्रकाश आर्य की भी मौत हो गई थी।
कोर्ट में कहा गया था कि दादरी से विधायक महेंद्र सिंह भाटी साथियों के साथ भंगेल जा रहे थे। भंगेल रोड पर रेलवे फाटक बंद होने के कारण भाटी व उनके साथी ट्रेन गुजरने का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान हथियारबंद हमलावरों ने ताबड़-तोड़ फायरिंग कर दी थी।
डीपी यादव की कई राज्यों में अरबों खरबों की संपत्ति
कविनगर थाने के पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, डीपी यादव के पास वेस्ट यूपी, हरियाणा, मध्यप्रदेश और चंडीगढ़ आदि में अरबों-खरबों की संपत्ति है। नोएडा और गाजियाबाद में वाहनों की एजेंसी है। गाजियाबाद, आगरा और गोवा में होटल है।
देहरादून और बदायूं में 1200 बीघा कृषि भूमि है। हरियाणा टोल टैक्स में हिस्सेदारी, मथुरा में फैक्ट्री, दिल्ली में बीयर का प्लांट है। मध्यप्रदेश में 400 एक्ट भूमि और शराब फैक्ट्री।
दिल्ली में फार्म हाउस और तीन कोठियां, नोएडा में मार्केट, कविनगर थाना क्षेत्र में 200 करोड़ की जमीन, दादरी में 1500 बीघा का फार्म हाउस। बागपत में 300 बीघा का कृषि भूमि। हरियाणा में 200 बीघा का कृषि फार्म हाउस हफरीदाबाद गुड़गाव में कोठियां है।
कविनगर का हिस्ट्रीशीटर है डीपी
सरफाबाद थाना सेक्टर-49 नोएडा गौतमबुद्धनगर निवासी डीपी यादव कविनगर थाने का हिस्ट्रीशीटर 2बी है। उस पर 57 केस दर्ज किए गए हैं। 1976 में बुलंदशहर कोतवाली में चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का पहला केस दर्ज हुआ था, जिसमें पुलिस ने 7 लॉ क्रिमिनल एमेंडमेंट एक्ट भी लगाया था।