फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   doon university convocation: face shines after getting degree, governor says there is no substitute for hard work

दून विवि दीक्षांत समारोह: डिग्री पाकर खिले चेहरे, राज्यपाल ने कहा- सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित होगा विवि

Wed, 15 Dec 2021 07:49 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Wed, 15 Dec 2021 07:49 PM IST
सार

समारोह में दून विश्विद्यालय के 2017, 2018, 2019, 2020, 2021 बैच के छात्रों को उपाधि प्रदान की गई। वहीं  2017, 2018, 2019, 2020 बैच के स्वर्ण पदक विजेताओं को डिग्री प्रदान की गई।
 

विज्ञापन
doon university convocation: face shines after getting degree, governor says there is no substitute for hard work
दून विश्वविद्यालय का द्वितीय दीक्षांत समारोह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दून विश्वविद्यालय के दूसरे दीक्षांत समारोह में बुधवार को शैक्षणिक सत्र 2017-18,19 और 20 के 93 मेधावियों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विवि ने वरिष्ठ समाजसेवी माता मंगला और श्रीमहंत देवेंद्र दास को डी लिट की मानद उपाधि प्रदान कर सम्मानित किया। राज्यपाल ले.ज. (सेनि) गुरमीत सिंह ने कहा कि दून विवि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित होगा। 

विज्ञापन


राज्य की महिलाओं ने हमेशा खुद को सिद्ध किया
बुधवार को विवि परिसर में आयोजित दीक्षांत समारोह में उन्होंने कहा कि मेरे सामने जो युवा बैठे हैं, इन्होंने ही भविष्य में देश को लीडरशिप देनी है। इन युवाओं में असीमित संभावनाएं हैं। इन युवाओं का हौसला, साहस, लगन और ऊर्जा भारत को विश्व में प्रत्येक क्षेत्र में सर्वोच्च स्थान दिलाएगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में बालिकाओं की शिक्षा का प्रतिशत अधिक है। बालिकाएं हर क्षेत्र में खुद को सिद्ध कर रही हैं। राज्य की महिलाओं ने हमेशा खुद को सिद्ध किया है।
विज्ञापन


राज्य के पर्वतीय क्षेत्री की परिश्रमी व आत्मविश्वासी महिलाएं पूरे देश के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं। मुझे सुनकर अच्छा लगा कि दून विवि में छात्र कई विदेशी भाषाएं सीख रहे हैं। हमें संस्कृत, पाली, प्राकृत, गुरुमुखी समेत 300 अन्य भाषाओं को भी प्रोत्साहित करना। राज्य के सुदूर क्षेत्रों में महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक सशक्तीकरण का नया अध्याय लिख रही हैं। देहरादून एक उत्कृष्ट एजुकेशन हब है। यहां के विश्वविद्यालयों को स्वायत्त के साथ ही जवाबदेह भी बनना होगा। विश्वविद्यालयों को रिसर्च और एजुकेशन में लीडरशिप देनी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


हंस फाउंडेशन की प्रणेता माता मंगला ने कहा कि  विश्वविद्यालय ने अपने आयोजन की थीम सशक्त महिला, सशक्त समाज बनाई है। यह उन सभी महिलाओं के लिए समर्पित है, जिन्होंने अपने दम पर अपनी जगह बनाई है। उन्होंने कहा कि हम दुनिया के तमाम हिस्सों में समाजसेवा कर रहे हैं लेकिन उत्तराखंड हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है।  


कई शिक्षाविद रहे कार्यक्रम में मौजूद
कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री चिकित्सा शिक्षा विवि के कुलपति प्रो. हेमचंद, आयुर्वेद विवि के कुलपति प्रो. सुनील जोशी, संस्कृत विवि के कुलपति प्रो. देवी प्रसाद त्रिपाठी, भरसार विवि के कुलपति प्रो. अजीत कर्नाटक, एसजीआरआर विवि के कुलपति प्रो. यूएस रावत, उत्तराखंड हिमालय विवि के कुलपति प्रो. जेपी पचौरी, मुक्त विवि के कुलपति प्रो. ओपीएस नेगी, जबलपुर विवि के पूर्व कुलपति प्रो. पीडी जुयाल, रूसा के सलाहकार प्रो. एमएसएम रावत, आरसी डंगवाल, प्रो. केडी पुरोहित, पद्मश्री पीसी शर्मा, डा. बीके संजय समेत अन्य मौजूद रहे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed