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Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Doctors Day 2020 : Doctor deployed as like as soldier in corona pandemic situation

National Doctors Day 2020 : कोरोना काल में सैनिक की तरह मोर्चे पर डटे हैं डॉक्टर

Wed, 01 Jul 2020 02:28 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Wed, 01 Jul 2020 02:28 PM IST
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Doctors Day 2020 : Doctor deployed as like as soldier in corona pandemic situation
Corona - फोटो : PTI

डॉक्टरों को धरती पर भगवान का रूप यूं ही नहीं कहा जाता, अपने सेवा भाव से उन्होंने इन पंक्तियों को चरितार्थ किया है। कोरोना काल में जब लोग पीड़ितों को देखकर उनसे दूर भाग रहे हैं, तब यही डॉक्टर प्रेम और सेवा भाव से उनका उपचार कर रहे हैं।

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इसी का नतीजा है कि आज हम कोरोना से सुरक्षित राज्य की तरफ कदम बढ़ा रहे हैं। कोरोना के संकट काल में डॉक्टरों की भूमिका और ज्यादा महत्वपूर्ण साबित हुई है। कोरोना की शुरूआत के साथ ही इसको लेकर डर और दहशत का माहौल भी बन रहा था। नया वायरस होने के चलते इसके बारे में बहुत ज्यादा जानकारी नहीं थी।
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ऐसे में मरीज के संपर्क में आना खासा खतरनाक भी साबित हो सकता था, लेकिन डॉक्टरों ने अपनी जान की परवाह किए बिना न सिर्फ मरीजों का इलाज किया, बल्कि उन्हें घर से लाने और छोड़ने का काम भी कर रहे हैं।
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डॉक्टर 18-18 घंटे ड्यूटी कर रहे हैं। कई डॉक्टर तो अपने परिवार को संक्रमण से बचाने के लिए घर तक नहीं जा रहे हैं। यह उनके प्रयासों का ही नतीजा है कि उतराखंड में कोरोना से मरने वालों की संख्या बेहद कम है। 

दिन-रात सेवा में जुटे डॉक्टर

दून अस्पताल के डिप्टी एमएस और कोरोना के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. एनएस खत्री लगातार मरीजों की सेवा में जुटे हैं। पहला कोरोना मरीज मिलने से लेकर आज तक उनके सेवा भाव में कोई कमी नहीं आई है। मरीजों के उपचार की व्यवस्था बनाना, सभी मामलों पर नजर रखना, अधिकारियों को रिपोर्ट करना, वह हर तरह की जिम्मेदारी को ईमानदारी से निभा रहे हैं।

हर मरीज से जुड़े रहे डॉ. अनुराग

कोरोना के नोडल अफसर डॉ. अनुराग अग्रवाल प्रत्येक मरीज से पूरी तरह जुड़े रहे। मरीज को भर्ती करने से लेकर उसके उपचार और अन्य सभी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी डॉ. अनुराग के पास ही है। मरीजों की सेवा में किसी तरह की दिक्कत न हो इसलिए उन्होंने अपने बच्चों को ननिहाल भेज दिया। उनकी डॉ. पत्नी भी उनके काम में पूरी मदद करती हैं। 

एक-एक चीज पर रही डॉ. सयाना की नजर   

दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना कोरोना संकट के दौरान हीरो बनकर उभरे। उन्होंने 30 आईसीयू वेंटिलेटर युक्त तैयार करवाए और 50 बेड का नया आईसीयू तैयार करवा रहे हैं। उसकी बिल्डिंग तैयार होने के तुरंत बाद आईसीयू का काम किया जाएगा। शुरुआत में जब मरीजों ने खाने को लेकर शिकायत की तो उन्होंने ही भरपूर डाइट देने की व्यवस्था की। 

कमर पर पट्टा बांध काम करते रहे डॉ. टम्टा
 

अस्पताल के सीएमएस डॉ. केके टम्टा कमर पर पट्टा बांधकर मरीजों की सेवा में जुटे रहे। कमर में दिक्कत के कारण कोरोना फैलने से कुछ समय पहले उन्हें पट्टा बांधना पड़ा और डॉक्टर ने आराम की सलाह दी, लेकिन वह बहुत ज्यादा समय बेड पर लेटे नहीं रहे और मरीजों की सेवा में जुट गए। उनके ही प्रयासों का नतीजा रहा कि स्टाफ को समय पर तनख्वाह उपलब्ध कराई। उन्होंने न केवल अस्पताल की तमाम व्यवस्थाओं को संभाला, बल्कि स्टाफ को भी किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी।

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