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कोई मान्य एसोसिएशन नहीं तो कैसे बनी उत्तराखंड की क्रिकेट टीम
महेश्वर प्रसाद सिंह / अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 18 Dec 2016 11:51 AM IST
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rajiv gandhi international cricket stadium
- फोटो : AmarUjala
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सूबे के पहले अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में हुए उद्घाटन मैत्री मैच ने एक बार फिर क्रिकेट एसोसिएशनों के बीच की लड़ाई को हवा दे दी है। यूपी और उत्तराखंड के बीच खेले गए मैत्री मुकाबले में मेजबान टीम 28 रन से मैच हार गई थी। मामले पर कई एसोसिएशन ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। एसोसिएशनों का कहना है कि जब कोई मान्य एसोसिएशन ही नहीं तो टीम का गठन कैसे हो गया?
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प्रदेश में तीन से अधिक एसोसिएशन लंबे समय से मान्य होने का दावा कर रही हैं। पिछले दिनों बीसीसीआई ने इन एसोसिएशनों को बुलाकर इनसे दस्तावेज लिए थे, लेकिन आपसी झगड़े के चलते इन एसोसिएशनों में से किसी को भी मान्यता नहीं मिल पाई। शुक्रवार को रायपुर अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम के उद्घाटन में कुछ एसोसिएशनों को दरकिनार किया गया। बिना मान्यता उत्तराखंड टीम का गठन कर मैच भी हो गया।
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यहां तक कि विज्ञापन में एसोसिएशन का अध्यक्ष हीरा सिंह बिष्ट को बताया गया। आईपीएल के चेयरमैन राजीव शुक्ला ने भी स्टेडियम में हीरा सिंह बिष्ट को एसोसिएशन का अध्यक्ष बताया। इस वजह से दूसरी एसोसिएशनों ने इसका विरोध तेज कर दिया है। उन्होंने न केवल उत्तराखंड की टीम बनाने पर सवाल उठाए हैं, बल्कि इसे प्रदेश को बदनाम करने की साजिश भी करार दिया है।
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उत्तराखंड की टीम तो एक क्लब भी बना लेगा, लेकिन उसका सिस्टम होना चाहिए। यह तो प्राइवेट कार्यक्रम था। सरकारी कार्यक्रम को ‘कांग्रेस प्रोग्राम’ बना दिया गया। क्रिकेट एसोसिएशन भी कांग्रेसियों की ही थी। हमें कार्यक्रम का कोई न्योता नहीं दिया गया। दो दिन में राज्य की टीम कैसे बन जाएगी? राज्य की टीम बनाकर उसे बदनाम किया गया। इतना बुरा प्रदर्शन हुआ, जबकि यूपीसीएल की तीसरे दर्ज की टीम आई हुई थी। अगर ऐसे टीमें बनने लगी तो राज्य बदनाम होता रहेगा। बाकि यह सरकार के हाथ में है, जिसे मर्जी बुलाए।
- चंद्रकांत आर्य, सचिव, उत्तरांचल क्रिकेट एसोसिएशन
टीम का चयन कैसे कर दिया? आपने कोई एनाउंसमेंट तक नहीं किया। पूरे कार्यक्रम का राजनीतिकरण कर दिया। यह सही निर्णय नहीं था। 15 साल से मान्यता नहीं हुई। इस पर कोई घोषणा करते तो अच्छा लगता। जूनियर बच्चों को खेलने का ही चांस मिल जाता। सरकार ने चार-चार एसोसिएशन को पिछली बार बुलाया था। जो एसोसिएशन काम कर रही है, उसको नहीं बुलाया, लेकिन बीसीसीआई ने पहले जिन एसोसिएशन को बुलाया था, कम से कम उद्घाटन मैच में उन्हें तो बुलाना चाहिए था। उत्तराखंड टीम का हम विरोध कर रहे हैं।
- दिव्य नौटियाल, सचिव, उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन
यह मैत्री मैच था, हमने सबको आमंत्रित किया था। जिसको आना था, वह आए और खेलकर चले गए। हमने उत्तराखंड इलेवन टीम बनाकर मैच खिलाया। सबको व्यक्तिगत कैसे बुलाता। सरकार ने सबको विज्ञापन के माध्यम से बुलाया था। कुछ लोगों को कुछ करना नहीं है, वह सिर्फ विरोध के लिए तैयार रहते हैं।
- पीसी वर्मा, सचिव क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ उत्तराखंड
यह केवल एक मैत्री मैच था। बाकी उत्तराखंड की टीम का कैसे गठन किया गया, इसके बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। एसोसिएशन ने ही टीम का गठन किया है।
- दिनेश अग्रवाल, खेल मंत्री